लखनऊ, 3 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के नेता अजय चौटाला के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा कि भारत में भी शासकों को सड़कों पर दौड़ाकर पीटना होगा। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसे लोग समाज में भ्रम और त्रासदी पैदा करने का काम करते हैं।
मंत्री संजय निषाद ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था का मूल आधार जागरूकता, समझदारी और सही-गलत की पहचान करना है।
उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से लोगों को वोट देने का अधिकार दिया गया है, ताकि वे हर पांच साल में गलत लोगों को हटाकर सही प्रतिनिधियों को चुन सकें। मंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने ऐसे बयानों को ‘प्रो-अमेरिका की आवाज’ बताते हुए कहा कि इस तरह के लोग समाज में भ्रम और त्रासदी पैदा करने का काम करते हैं, इसलिए जनता को इनसे सतर्क रहने की जरूरत है।
संजय निषाद ने इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौत के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है और फिलहाल विपक्ष के पास इस घटना में शामिल लोगों को लेकर पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का मानना है कि मामला जांच के अधीन है और प्राथमिक स्तर पर जिन लोगों पर लापरवाही के आरोप सामने आए हैं, उन्हें हटा दिया गया है। जांच प्रक्रिया लगातार जारी है और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मंत्री ने यह भी कहा कि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए प्रशासन को और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है तथा पेयजल व्यवस्था की नियमित निगरानी बेहद जरूरी है।
मंत्री संजय निषाद ने माघ मेले को लेकर आगे कहा कि हम सभी वास्तव में सौभाग्यशाली हैं कि हमारा जन्म भारत जैसी पवित्र भूमि पर हुआ है, जिसे देवताओं की भूमि कहा जाता है। उन्होंने प्रयागराज के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि यह निषादराज का नगर है, जहां त्रेता युग में भगवान श्रीराम ने अपने वनवास के दौरान कदम रखा था और रात्रि विश्राम किया था। प्रयागराज गंगा और यमुना के पवित्र संगम के लिए जाना जाता है, जहां देश-विदेश से श्रद्धालु गहरी आस्था के साथ पवित्र स्नान करने आते हैं। मंत्री ने कहा कि यह भूमि हमारी सांस्कृतिक विरासत और आस्था का प्रतीक है, जिसे संजोकर रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।

