बिहार: रोहिणी आचार्य ने पटना में छात्रा की मौत को लेकर सरकार पर साधा निशाना

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पटना, 21 जनवरी (आईएएनएस)। बिहार की राजधानी पटना के छात्रावास में एक छात्रा की मौत के बाद राजनीति गर्म है। इसे लेकर राजद की महिलाओं ने पटना में जहां आक्रोश मार्च निकाला, वहीं पार्टी के प्रमुख लालू यादव की पुत्री रोहिणी आचार्य ने भी सरकार को निशाने पर लिया।

रोहिणी ने सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि लानत है बिहार में सुशासन एवं कानून के राज के दावों पर। उन्होंने सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स पर पोस्ट करते हुए बुधवार को लिखा कि मौजूदा बिहार में परिस्थितियां मां-बहन व बेटियों की सुरक्षा, मर्यादापूर्ण अस्तित्व व भविष्य निर्माण (कैरियर बिल्डिंग) के मद्देनजर किसी भी दृष्टिकोण से कतई संतोषजनक नहीं, अपितु अफसोसजनक और चिंताजनक हैं।

उन्होंने आगे लिखा, “अराजकता का आलम तो ऐसा है कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से सबसे महफूज़ समझे-कहे जाने वाले शहर पटना में बेटियों-बहनों के साथ बलात्कार हो रहा है, व्यभिचार-बलात्कार के पश्चात् उनकी हत्या की जा रही है। अपने भविष्य को बेहतर बनाने की आस और प्रयास में पटना आयीं, हॉस्टल्स में रहने वाली बेटियों को जबरन देह-व्यापार में धकेला जा रहा है, एक हिंदी अख़बार की ताजातरीन रिपोर्ट से भी इस संदर्भ में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं।”

पिछले लोकसभा चुनाव में सारण लोकसभा क्षेत्र से राजद की प्रत्याशी रोहिणी आचार्य ने कहा कि प्रदेश में बलात्कार और यौन उत्पीड़न के मामलों में बेतहाशा वृद्धि हुई है; यौन अपराध को अंजाम देने वालों के बीच कानून-पुलिस-प्रशासन का रत्तीभर खौफ भी नहीं बचा है। अपराधियों और पुलिस-प्रशासन के बीच सांठगांठ के मामले उजागर हो रहे हैं। पटना के शम्भू गर्ल्स हॉस्टल के मामले में भी ऐसी सांठ-गांठ उजागर हुई है।

उन्होंने आगे लिखा, “लचर शासन-व्यवस्था, यौन अपराध के मामलों को प्रदेश के मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के द्वारा गंभीरता से नहीं लेने और ऐसे मामलों के प्रति अधिकारियों की उदासीनता की वजह से बिहार से जल्द ही बहन-बेटियों के पलायन की शुरुआत होने की आशंका है।”

उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि पहले से बिहार युवकों और छात्रों के पलायन का दंश झेल रहा है, ऐसे में जब बहन-बेटियां भी पलायन करने को मजबूर हो जाएंगी, तो बचेगा क्या बिहार में?