बचपन का तनाव दिमाग पर डालता है गहरा असर: अध्ययन
नई दिल्ली, 10 जून (आईएएनएस)। एक नए अध्ययन के अनुसार, बचपन में झेले गए तनाव और कठिन अनुभव मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डाल सकते हैं। बचपन में होने वाले आघात के मस्तिष्क पर स्थायी प्रभाव हो सकते हैं। यहां तक की यह मानसिक विकारों की वजह भी बन सकते हैं।
यूं ही नहीं कहते आम को ‘राजा’, ‘स्वाद में हिट’ और त्वचा निखारने में...
नई दिल्ली, 10 जून (आईएएनएस)। गर्मियों का मौसम आते ही बाजार में आम की बहार छा जाती है। आम न सिर्फ स्वाद में बेहतरीन होता है, बल्कि इसमें कई ऐसे गुण होते हैं, जो हमारी त्वचा को चमकदार और ताजगी से भर देते हैं। गर्मियों में जब त्वचा बेजान और रूखी हो जाती है, तब आम उसमें निखार लाने में मदद करता है। स्वाद और सौंदर्य का बेहतरीन मेल है आम, जो गर्मियों को खास बना देता है।
जापानी थैरेपी ‘फॉरेस्ट बाथिंग’ से पाएं सुकून और सेहत भी
नई दिल्ली, 9 जून (आईएएनएस)। आजकल की दुनिया में हम ज्यादातर समय मोबाइल और कंप्यूटर पर बिताते हैं। हर समय कुछ न कुछ सोचते रहते हैं या भागदौड़ में लगे रहते हैं। इससे दिमाग पर बुरा असर पड़ता है और शरीर पूरी तरह थक जाता है। जीवन में शांति पाने के लिए यूं तो कई तरीके हैं, सुकून भरा तरीका है 'फॉरेस्ट बाथिंग', यानी जंगल में जाकर प्रकृति के साथ समय बिताना। इसके कई फायदे हैं। ऐसा करने से हमारे शरीर का तनाव कम होता है, मन शांत रहता है और एकाग्रता बढ़ती है। हम ज्यादा खुश और ताजगी से भरे महसूस करते हैं।
आईबीडी मरीजों में खून और आयरन की कमी के पीछे एक खास जेनेटिक बदलाव...
न्यूयॉर्क, 8 जून (आईएएनएस)। बायोमेडिकल वैज्ञानिकों ने एक नई खोज की है जिसमें पाया गया है कि क्रोहन रोग से जुड़ा एक जेनेटिक बदलाव शरीर में आयरन की कमी और खून की कमी (एनीमिया) को और बढ़ा सकता है। यह समस्या उन लोगों में आम पाई जाती है जो इन्फ्लेमेटरी बाउल डिजीज (आईबीडी), यानी आंतों की सूजन से जुड़ी बीमारी से पीड़ित होते हैं।
‘आदान काल’ में रहें सतर्क, ऋतुचर्या को समझना भी जरूरी
नई दिल्ली, 8 जून (आईएएनएस)। आयुर्वेद हमें स्वस्थ रहने के सरल और प्राकृतिक तरीके सिखाता है। यह सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि जीवनशैली का सही मार्गदर्शन भी करता है। इससे हम न केवल स्वस्थ रहते हैं, बल्कि ऊर्जा से भरपूर भी महसूस करते हैं। आयुर्वेद में वर्तमान समय 'आदान काल' माना गया है। यह लगभग मध्य मई से मध्य जुलाई तक चलता है। यह वह समय है जब सूर्य उत्तर की ओर बढ़ता है और हमारे शरीर से ऊर्जा को शोषित करता है। इस दौरान हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होने लगती है।
हार्मोन संतुलन से लेकर अच्छी नींद तक, सेतुबंधासन है कई परेशानियों का समाधान
नई दिल्ली, 8 जून (आईएएनएस)। हमारा शरीर हर दिन थकान, तनाव और गलत जीवनशैली से जूझता है। ऐसे में अगर हम रोजाना थोड़ा समय योग को दें, तो शरीर और मन दोनों को राहत मिल सकती है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, योग से तनाव कम होता है, जिससे मन और शरीर मजबूत बनता है। सभी योगासन में एक आसन 'सेतुबंधासन' शारीरिक के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर माना जाता है। यह पीठ, गर्दन और रीढ़ की हड्डी को मजबूती देता है। खास बात यह है कि यह आसन उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है जो ऑफिस में लंबे समय तक कुर्सी पर बैठे रहते हैं।
फलियों और दालों को फर्मेन्टिंग करने से एंटीऑक्सीडेंट और मधुमेह रोधी गुण बढ़ सकते...
नई दिल्ली, 7 जून (आईएएनएस)। क्या आपको दालें और फलियां खाना पसंद है? एक अध्ययन के अनुसार, उन्हें फर्मेन्टिंग (किण्वित) करने से उनके एंटीऑक्सीडेंट स्तर को बढ़ाने में मदद मिल सकती है, साथ ही मधुमेह से लड़ने की उनकी क्षमता भी बढ़ सकती है।
भोजन हमारी ऊर्जा का स्रोत, खाद्य सुरक्षा पर ध्यान देना जरूरी : जेपी नड्डा
नई दिल्ली, 7 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शनिवार को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस पर कहा कि खाद्य सुरक्षा पर ध्यान देना स्वास्थ्य और कल्याण के लिए जरूरी है।
केंद्र ने वैज्ञानिक उपकरण और उपभोग्य सामग्रियों के प्रोक्योरमेंट के लिए जीएफआर नियमों को...
नई दिल्ली, 7 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जितेंद्र सिंह ने शनिवार को कहा कि रिसर्च को आसान बनाने के लिए एक बड़े कदम के रूप में वैज्ञानिक उपकरणों और उपभोग्य सामग्रियों की खरीद के लिए जनरल फाइनेंस रूल्स (जीएफआर) को सरल बनाया गया है।
पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ‘भीषण गर्मी के जोखिम प्रबंधन’ में बना अग्रणी
नई दिल्ली, 7 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा ने बताया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने भीषण गर्मी से निपटने के लिए एक सोची-समझी और आगे की सोच वाली रणनीति अपनाई है।










