Tuesday, January 27, 2026
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गुजरात के राज्यपाल ने ‘घोस्ट्स, हॉरर एंड हिल्स’ बुक का विमोचन किया

घोस्ट हॉरर एंड हिल्स बुकचंडीगढ़, 27 जनवरी (आईएएनएस)। महाराष्ट्र और गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने मंगलवार को मुंबई के लोक भवन में 'घोस्ट्स, हॉरर एंड हिल्स' नामक पुस्तक का विमोचन किया।

दिग्गज पत्रकार मार्क टुली का दिल्ली में निधन, पद्मश्री और पद्मभूषण से किया गया...

नई दिल्ली, 25 जनवरी (आईएएनएस)। वरिष्ठ पत्रकार और लेखक सर विलियम मार्क टुली का 90 साल की आयु में रविवार को निधन हो गया। उन्हें दुनिया मार्क टुली के नाम से भी जानती थी। उन्होंने 20वीं सदी के आखिरी दशकों में भारत की राजनीति और बड़ी घटनाओं पर कवरेज के लिए काफी प्रसिद्धि हासिल की थी।

पुस्तक समीक्षा : भावाक्षर – संवेदनाओं और जीवन के यथार्थ की काव्यात्मक अभिव्यक्ति

डॉ. लोकेन्द्र सिंहसाहित्य का मूल उद्देश्य मनुष्य की संवेदनाओं को शब्द देना है। जब एक संवेदनशील मन अपने परिवेश, राष्ट्र, समाज और निजी अनुभूतियों...

यादों में सहाय : हिंदी साहित्य का वो ‘वटवृक्ष’, जिनके साथ रहे प्रसाद, निराला...

पटना, 20 जनवरी (आईएएनएस)। 9 अगस्त, 1893 को बिहार के बक्सर (तत्कालीन शाहाबाद) जिले के उनवास गांव में एक बालक ने जन्म लिया, जिसे घरवाले प्यार से 'भोलानाथ' पुकारते थे। यही भोलानाथ आगे चलकर आचार्य शिवपूजन सहाय बना।

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल: पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़ ने ‘द अनबीकमिंग’ बुक का विमोचन किया

जयपुर, 18 जनवरी (आईएएनएस)। पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने रविवार को जयपुर साहित्य महोत्सव (जेएलएफ) में भाग लिया, जहां उन्होंने अपने दामाद वकील कार्तिकेय वाजपेयी द्वारा लिखित पुस्तक 'द अनबीकमिंग' का औपचारिक रूप से विमोचन किया।

एडगर एलन पो: आधुनिक रहस्य और हॉरर साहित्य के जनक, जिन्होंने डर को शब्दों...

नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। एडगर एलन पो अमेरिकी साहित्य के उन विरले लेखकों में हैं जिन्होंने लेखन की दिशा ही बदल दी। उन्हें आधुनिक रहस्य, जासूसी और हॉरर साहित्य का जनक माना जाता है। उनके साहित्य ने न केवल अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया में लेखकों और पाठकों की सोच को प्रभावित किया। भय, अवचेतन मन, अपराधबोध और मनोवैज्ञानिक उलझनों को जिस गहराई से पो ने शब्दों में ढाला, वह अपने समय से कहीं आगे था।

माघ मेले की खूबसूरती को पन्नों पर उकेरती कैलाश गौतम की कविता ‘अमौसा के...

नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। माघ मेला हो, कुंभ हो या महाकुंभ हर बार अमावस्या का स्नान खास मायने रखता है। यह केवल स्नान नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि, पितरों का तर्पण और अनंत विश्वास का महापर्व है। माघ मेले की खूबसूरती को दिवंगत साहित्यकार कैलाश गौतम की कविता "अमौसा के मेला" में इतनी जीवंतता से उकेरा गया है कि हर पंक्ति में प्रयागराज के संगम तट की दिव्य भीड़, आस्था की लहरें, ग्रामीण जीवन की मासूमियत और लोक संस्कृति का रंग-बिरंगा मेला अपने रंग को बिखेरता दिखता है।

“महात्मा हंसराज राष्ट्रीय सम्मान–2026″ से सम्मानित हुए संतोष चौबे

नई दिल्ली : 16 जनवरी/ राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर हंसराज कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा विज्ञान भवन, नईदिल्ली के मुख्य सभागार में आयोजित...

महाश्वेता देवी: आदिवासियों और दलितों की आवाज, जिन्होंने अपनी कलम से समाज को दिखाया...

नई दिल्ली, 13 जनवरी (आईएएनएस)। आज हम एक ऐसी शख्सियत को याद कर रहे हैं, जिसने अपनी कलम और काम दोनों से समाज के हाशिए पर जी रहे लोगों को आवाज दी और भारतीय साहित्य तथा सामाजिक चेतना में अमिट छाप छोड़ी। उनकी रचनाओं ने सिर्फ साहित्य को समृद्ध नहीं किया, बल्कि उन लोगों की कहानी भी दुनिया के सामने लाई, जो अक्सर नजरअंदाज कर दिए जाते थे।

‘राष्ट्रीय वनमाली कथा सम्मानों की घोषणा : ’24, 25, 26 फरवरी को आयोजित होगा वनमाली राष्ट्रीय...

वनमाली कथाशीर्ष सम्मान से अलंकृत होंगी वरिष्ठ साहित्यकार  मृदुला गर्ग (दिल्ली) वनमाली राष्ट्रीय कथा सम्मान से अलंकृत होंगी वरिष्ठ कथाकार अलका सरावगी (कोलकाता) वनमाली कथा मध्यप्रदेश...

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