Friday, February 20, 2026
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साहित्य

जयंती विशेष : भारतीय कला के अप्रतिम रंगों के जादूगर थे मकबूल फिदा हुसैन

नई दिल्ली, 16 सितंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के पंढरपुर में जन्मे हुसैन ने अपनी अनूठी कला शैली से भारतीय चित्रकला को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान दी। उनकी कला भारतीय संस्कृति, इतिहास और आधुनिकता का अद्भुत संगम थीं, जो आज भी कला प्रेमियों को प्रेरित करती हैं।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया ‘विश्व रंग अंतरराष्ट्रीय हिंदी ओलंपियाड-2025 का...

भोपाल : 16 सितम्बर/ हिंदी भाषा के वैश्विक प्रचार – प्रसार और नई पीढ़ी को हिंदी से जोड़ने के उद्देश्य से विश्व रंग फाउंडेशन...

डॉ. रामकुमार वर्मा : बहुमुखी प्रतिभा के धनी और एकांकी नाटकों के जनक

मुंबई, 14 सितंबर (आईएएनएस)। आधुनिक हिंदी साहित्य के इतिहास में कुछ लेखक ऐसे हैं, जिनकी आभा ने कई विधाओं को रोशन किया है। इन्हीं में से एक हैं डॉ. रामकुमार वर्मा, जिन्हें 'एकांकी सम्राट' के रूप में जाना जाता है।

विश्व रंग श्रीलंका 2025 का पोस्टर हुआ लोकार्पित, भारत सहित श्रीलंका, आस्ट्रेलिया, लंदन के...

भोपाल : 13 सितम्बर/ विश्व रंग अंतरराष्ट्रीय चैप्टर के रूप में विश्व रंग श्रीलंका 2025 का आयोजन 29–30 सितम्बर 2025 को कोलंबो (श्रीलंका) में...

‘हिंदी का वैश्विक परिदृश्य : कल, आज और कल’ विषय पर हुई अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी

भोपाल : 13 सितम्बर/ विश्व रंग फाउंडेशन, टैगोर अंतरराष्ट्रीय हिंदी केंद्र , हिंदी विभाग, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी दिवस...

लखनऊ पुस्तक मेले में आकर्षण का केंद्र बनी ‘पॉकेट गीता’ और ‘पीएम मोदी कटआउट...

लखनऊ, 12 सितंबर (आईएएनएस)। लखनऊ के हज़रतगंज स्थित बलरामपुर गार्डन में चल रहे राष्ट्रीय पुस्तक मेले में इस साल गुजरात के अहमदाबाद से आए प्रकाशक अपूर्व शाह की दो अनोखी किताबें लोगों का ध्यान खींच रही हैं। इनमें एक है दुनिया की सबसे छोटी 'श्रीमद्भगवद् गीता' और दूसरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन पर आधारित एक खास 'कटआउट बुक' है।

विश्व रंग अंतरराष्ट्रीय हिंदी ओलंपियाड 14 सितंबर से, भारत सहित 65 देशों में आयोजन

भोपाल : 11 सितम्बर/ हिंदी भाषा के वैश्विक प्रचार – प्रसार और नई पीढ़ी को हिंदी से जोड़ने के उद्देश्य से विश्व रंग फाउंडेशन...

उर्दू के सभी रंगों को सहेजा है भोपाल की शायरी ने – संतोष चौबे

भोपाल : 10 सितम्बर/ उर्दू और हिंदी दोनों बहनें हैं। दोनों का विकास साथ हुआ है। उर्दू के सारे रंगों को सहेजने का काम...

जीवन, सियासत और समाज का संगम हैं अकबर इलाहाबादी की शायरियां

नई दिल्ली, 8 सितंबर (आईएएनएस)। 'हम आह भी करते हैं तो हो जाते हैं बदनाम, वो कत्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होती,' ये शायरी है अकबर इलाहाबादी की, जो उर्दू साहित्य के एक ऐसे शायर थे जिन्होंने अपनी बेबाकी, हास्य-व्यंग्य और हिंदुस्तानी तहजीब को अपनी शायरी में बखूबी पिरोने का काम किया।

राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय में हुआ ‘उनके हिस्से का प्रेम’ और ‘ग़रीबनवाज़’ कहानियों का मंचन

भोपाल : 7 सितम्बर/ सुप्रसिद्ध कथाकार संतोष चौबे की दो कहानियों 'उनके हिस्से का प्रेम' और 'ग़रीबनवाज़' का मंचन प्रख्यात नाट्य निर्देशक देवेन्द्र राज...

खरी बात