Tuesday, April 28, 2026
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साहित्य

“भारतीय लघुचित्र परंपरा को समर्पित “नैनसुख” मोनोग्राफ को राष्ट्रीय सम्मान”

भोपाल : 21 नवंबर/ टैगोर कला केंद्र, टैगोर स्कूल ऑफ फाइन आर्ट्स एवं परफ़ॉर्मिंग आर्ट्स, स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी द्वारा प्रकाशित मोनोग्राफ “नैनसुख” को...

हिंदी और भारतीय भाषाओं के साथ साहित्य और कलाओं को केंद्रीयता प्रदान करता विश्वरंग

संतोष चौबेरबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय एवं डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किये जाने वाला टैगोर अन्तरराष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव, शायद...

एआई कवर आर्ट ने मचाया हड़कंप, न्यूजीलैंड बुक अवॉर्ड से दो बड़े लेखकों की...

नई दिल्ली, 18 नवंबर (आईएएनएस)। न्यूजीलैंड के प्रतिष्ठित ओखम बुक अवॉर्ड्स ने इस वर्ष एक ऐसा फैसला लिया जिसने साहित्यिक दुनिया में हंगामा मचा दिया है। देश के दो प्रमुख लेखकों स्टेफनी जॉनसन और एलिजाबेथ स्मिदर, को पुरस्कार की रेस से बाहर कर दिया गया क्योंकि उनकी किताबों की कवर डिजाइन में एआई-जेनेरेटेड इमेजरी शामिल पाई गई।

विश्वरंग – 2025 : भारतीय भाषाओं को आगे ले जाने का काम कर रही...

भोपाल : 14 नवंबर/ ‘आरंभ – विश्वरंग मुंबई 2025’ के दो दिवसीय आयोजन मुंबई विश्वविद्यालय के ग्रीन प्रौद्योगिकी सभागार में विविध सत्रों के साथ...

‘आरंभ – विश्वरंग मुंबई 2025’: भारतीय भाषाओं की परस्परता, सृजन और समन्वय का उत्सव

मुंबई : 13 नवंबर/ मुंबई विश्वविद्यालय के ग्रीन टेक्नोलॉजी सभागार में ‘आरंभ – विश्वरंग मुंबई 2025’ का भव्य शुभारंभ हुआ। दो दिवसीय इस आयोजन...

“आरंभ – विश्वरंग, मुंबई” : भारतीय भाषाओं और संस्कृतियों के संगम का अहम आयोजन...

भोपाल : 12 नवंबर/ विश्वरंग - टैगोर अंतरराष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव 2025 का पहला आयोजन मुंबई में “आरंभ – विश्वरंग, मुंबई” के रूप...

डेविड स्जेले को मिला बुकर प्राइज, क्यों जूरी ने माना ‘फ्लेश’ है ‘सिंगुलर अचीवमेंट’

नई दिल्ली, 11 नवंबर (आईएएनएस)। लंदन में आयोजित बुकर प्राइज 2025 समारोह में डेविड शजाले की नई उपन्यास फ्लेश को वह सम्मान मिला जिसकी अवहेलना करना मुश्किल था। जूरी ने इसे "सिंगुलर अचीवमेंट" (विलक्षण उपलब्धि) कहा—एक ऐसा उपन्यास जिसे, उनके शब्दों में, उन्होंने "पहले कभी नहीं पढ़ा।" फ्लेश को यह विशिष्ट स्थान सिर्फ उसके विषयों के कारण नहीं, बल्कि उसकी अनोखी शैली, उसकी चुप्पियों, और उसके पात्र 'इस्तवां' की उस मौजूदगी से मिला जो पन्नों के बीच होते हुए भी अज्ञात बनी रहती है।

“विश्व रंग” रचनात्मक समावेशी प्रक्रिया, जिसमें कलाएं, मानव व मानवीय संवेदनाओं के पक्ष में...

संतोष चौबेवर्ष 2019 में भारत की सांस्कृतिक राजधानी भोपाल से प्रारंभ हुआ ‘विश्व रंग’ टैगोर अंतरराष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव अब विश्व के 65...

“उनके हिस्से का प्रेम” में रिश्तों की विडंबना तो “गरीबनवाज” में दिखा उद्यमी का...

भोपाल : 29 अक्टूबर/ कथाकार संतोष चौबे की दो कहानियों 'उनके हिस्से का प्रेम' और 'ग़रीबनवाज़' का मंचन प्रख्यात नाट्य निर्देशक देवेन्द्र राज अंकुर...

संतोष चौबे ने किया ‘मगर शेक्सपियर को याद रखना’ कहानी का यादगार पाठ, कहानी...

भोपाल : 27 अक्टूबर/ वरिष्ठ कवि–कथाकार, निदेशक विश्व रंग एवं रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे के नए कहानी संग्रह 'ग़रीबनवाज़' का...

खरी बात