यादों में परसाई : हंसाते-हंसाते व्यवस्था को दिखाया आईना, दशकों बाद भी उनकी लेखनी...

नई दिल्ली, 21 अगस्त (आईएएनएस)। हिंदी साहित्य में व्यंग्य की बात हो और हरिशंकर परसाई का नाम न आए, ऐसा हो नहीं सकता। परसाई उन लेखकों में थे, जिन्होंने लोगों को सिर्फ हंसाया नहीं, बल्कि हंसते-हंसते उन्हें समाज की ऐसी सच्चाइयों से रूबरू कराया, जिनसे हम अक्सर आंखें चुराते हैं। उनकी कलम ने भ्रष्टाचार, पाखंड, अंधविश्वास, बेईमानी, राजनीतिक दिखावे और सामाजिक विसंगतियों पर ऐसा निशाना साधा कि पढ़ने वाला पहले मुस्कुराता है और फिर अचानक सोच में पड़ जाता है।

मेक्सिको में गांधी-मंडेला पब्लिक लाइब्रेरी को भारतीय दूतावास ने भेंट की 15 पुस्तकें

मेक्सिको सिटी, 13 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय दूतावास ने गुरुवार को मेक्सिको की गांधी-मंडेला लाइब्रेरी को 15 किताबें भेंट की है। ये सभी किताबें महात्मा गांधी से संबंधित हैं। दूतावास ने विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए इसकी जानकारी दी।

केन्या में भारतीय उच्चायुक्त ने बताया, ‘इस देश के लिए क्यों महत्वपूर्ण है भारत?’

नैरोबी, 13 अगस्त (आईएएनएस)। केन्या में भारत के उच्चायुक्त आदर्श स्वाइका ने केन्या स्कूल ऑफ गवर्नमेंट (केएसजी) में ‘ वाई इंडिया मैटर्स फॉर केन्या ’ विषय पर व्याख्यान दिया। कार्यक्रम में सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, सार्वजनिक उपक्रमों और काउंटी सरकारों के 120 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। केएसजी के पुस्तकालय में उन्होंने इंडिया कॉर्नर का भी उद्घाटन किया और भारतीय इतिहास, अर्थव्यवस्था एवं तकनीक के विकास को रेखांकित करतीं किताबें भेंट की।

बराक ओबामा लेकर आ रहे हैं नया पॉडकास्ट, बताएंगे किन छह किताबों ने बदल...

वॉशिंगटन, 11 अगस्त (आईएएनएस)। किताबों को यूं ही इंसानों का सच्चा दोस्त नहीं कहा जाता। जिंदगी जहां अटकती है, भटकाव आता है वहां ये संभालने का पूरा प्रयास करती हैं। ऐसा शायद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा भी सोचते हैं। तभी तो अब राजनीति से इतर अपने एक और पसंदीदा शगल के जरिए लोगों से जुड़ने का मन बना चुके हैं। ओबामा एक नया पॉडकास्ट शुरू करने वाले हैं, जिसमें वे उन किताबों पर चर्चा करेंगे जिन्होंने उनके सोचने के तरीके, उनके विश्वास और दुनिया को देखने के नजरिए को प्रभावित किया।

श्रुति से स्वरलिपि तक… पंडित भातखंडे ने कैसे बदल दी हिंदुस्तानी संगीत की दुनिया

नई दिल्ली, 9 अगस्त (आईएएनएस)। आज अगर कोई विद्यार्थी किताब खोलकर किसी राग के बारे में पढ़ सकता है, उसके स्वर समझ सकता है और लिखी हुई बंदिशों की मदद से संगीत सीख सकता है तो इसके पीछे महान संगीत मनीषी पंडित विष्णु नारायण भातखंडे का योगदान है। उन्होंने हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत को सिर्फ नई दिशा ही नहीं दी, बल्कि उसे सहेजने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का ऐसा रास्ता बनाया, जिसका महत्व आज भी बना हुआ है।

एआई जो लिख रहा वो इंसानों से बेहतर रेटिंग हासिल कर रहा: अध्ययन

लंदन, 5 अगस्त (आईएएनएस)। क्या इंसानों का लिखा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के लिखे से बेहतर है और क्या कहानी रचने-गढ़ने में एआई माहिर है? तो इसका जवाब काफी हद तक 'हां' में है। एक हालिया अध्ययन इसकी तस्दीक करता है।

मुझे इस वर्ष अपनी किताबों की रॉयल्टी नहीं मिली, भाजपा की हो सकती है...

कोलकाता, 4 अगस्त (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद से उन्हें अपनी लिखी हुई किताबों की रॉयल्टी मिलनी बंद हो गई है।

15 वां भूटान इकोस महोत्सव: इंडिया हाउस में भव्य डिनर का आयोजन

थिंपू, 3 अगस्त (आईएएनएस)। भूटान स्थित भारतीय दूतावास ने साहित्य और कला को समर्पित 15वें भूटान इकोस: ड्रुक्युल लिटरेचर एंड आर्ट्स फेस्टिवल के पहले भोज का आयोजन किया। भूटान की महारानी आशी दोरजी वांगमो वांगचुक भी इसमें शामिल हुईं।

नई दिल्ली : वैश्विक पुस्तक विमोचन-विमर्श-विभूषण समारोह एवं महाकुंभ अमृत सम्मान-2025 का भव्य आयोजन...

नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। वैश्विक पुस्तक विमोचन-विमर्श-विभूषण समारोह के साथ प्रतिष्ठित 'महाकुंभ अमृत सम्मान-2025' शनिवार को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया, नई दिल्ली में संपन्न हुआ। इस समारोह में शासन, न्यायपालिका, साहित्य, शिक्षा, पत्रकारिता, अध्यात्म, कला एवं सामाजिक सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों के अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों ने अपनी सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य ज्ञान, संस्कृति, भारतीय सभ्यता तथा राष्ट्रीय मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ उत्कृष्ट प्रतिभाओं का सम्मान करना था।

करीब दो दशक बाद कोलकाता लौटीं तसलीमा नसरीन, ‘फेरा’ उपन्यास की कहानी से मेल...

नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। बांग्लादेशी मूल की चर्चित लेखिका तसलीमा नसरीन शनिवार को लगभग दो दशक बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से कोलकाता पहुंचीं। उनकी यह वापसी कई मायनों में उनके चर्चित उपन्यास 'फेरा (द रिटर्न)' की याद दिलाती है। हालांकि दोनों यात्राओं की परिस्थितियां अलग हैं, लेकिन विस्थापन, स्मृतियों और अपनेपन की तलाश का साझा भाव दोनों में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

खरी बात