Thursday, March 12, 2026
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हर दिल का श्रंगार है होली

नैना शर्मारंगों का त्योहार है होली, खुशियों की बहार है होली। लाल, गुलाबी, नीला, पीला, हर दिल का श्रृंगार है होली।मिठाई की मिठास है इसमें, अपनों का विश्वास...

दुनिया को ‘उल्टे चश्मे’ से देखने वाले कलमकार, जिनका मानना था हास्य कटु नहीं,...

मुंबई, 28 फरवरी (आईएएनएस)। गुजराती साहित्य के हास्य सम्राट तारक जनुभाई मेहता दुनिया को सीधे नहीं, बल्कि 'उल्टे चश्मे' से देखते थे। उनकी कलम ने समाज की कमियों पर हल्का-फुल्का व्यंग्य किया, लेकिन कभी कटुता नहीं अपनाई। उनका मानना था कि हास्य कटु नहीं, मिठास भरा होना चाहिए, जो हंसाते हुए दिल को छूए और सोचने पर मजबूर करे।

स्मृति शेष: कवि जॉन कीट्स, जिनका नाम ‘पानी पर लिखा था’ और वह इतिहास...

नई दिल्ली, 22 फरवरी (आईएएनएस)। "मेरा हृदय पीड़ा से भरा है, और एक जड़ता मुझे घेर रही है…" यह पंक्तियां महान अंग्रेजी रोमांटिक कवि जॉन कीट्स की प्रसिद्ध कविता 'ओड टू अ नाइटिंगेल' का हिंदी भावानुवाद हैं। इन शब्दों में जीवन की क्षणभंगुरता और आत्मा की गहरी उदासी का स्वर गूंजता है। विडंबना यह रही कि जिस कवि ने जीवन और मृत्यु के रहस्यों को इतनी संवेदनशीलता से उकेरा, वह 25 वर्ष की आयु में 23 फरवरी 1821 को इस दुनिया से विदा हो गया।

24, 25, 26 फरवरी 2026 को आयोजित होगा राष्ट्रीय वनमाली कथा सम्मान

भोपाल : 20 फरवरी/ सुप्रतिष्ठित कथाकार, शिक्षाविद् तथा विचारक जगन्नाथ प्रसाद चौबे ‘वनमाली जी’ के रचनात्मक योगदान और स्मृति को समर्पित संस्थान 'वनमाली सृजन...

जेजीयू में ‘शालू जिंदल परफॉर्मिंग आर्ट्स अकादमी’ का हुआ भव्य उद्घाटन, सांस्कृतिक शिक्षा और...

सोनीपत, 20 फरवरी (आईएएनएस)। ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी (जेजीयू) में 'शालू जिंदल परफॉर्मिंग आर्ट्स अकादमी' का उद्घाटन किया गया। यह एक नई शैक्षणिक और सांस्कृतिक संस्थान है, जिसका उद्देश्य परफॉर्मिंग आर्ट्स की शिक्षा, कलात्मक शोध और जनसामान्य की सांस्कृतिक भागीदारी को बढ़ावा देना है।

पुण्यतिथि विशेष: ‘कविता के नए प्रतिमान’ गढ़ने वाले रचनाकार, ‘वाद विवाद और संवाद’ से...

नई दिल्ली, 18 फरवरी (आईएएनएस)। हिंदी साहित्य जगत में ऐसे कई कलमकार हुए, जिनके एक-एक शब्द अर्थ से भरे पड़े हैं। ऐसे ही आलोचक, विचारक थे डॉ. नामवर सिंह, जिन्होंने न केवल 'कविता के नए प्रतिमान' गढ़े, बल्कि हिंदी साहित्य के विद्यार्थियों, लेखकों और पाठकों के मानस पर छाप छोड़ने में सफल रहे।

वेद प्रकाश शर्मा: साहित्य जगत का ‘सबसे बड़ा खिलाड़ी’, ऐसे आया था ‘वर्दी वाला...

नई दिल्ली, 16 फरवरी (आईएएनएस)। हिंदी साहित्य जगत में एक से बढ़कर एक कलमकार हुए, जिन्होंने अपनी लेखनी का जादू अपनी रचनाओं में दिखाया। ऐसे ही शब्दों के जादूगर थे वेद प्रकाश शर्मा, जिन्होंने अपने उपन्यासों के जरिए जासूसी-थ्रिलर विधा को मुख्यधारा में लाकर पाठकों का न केवल मनोरंजन किया बल्कि आम आदमी को पढ़ने की भी लत डाली।

‘हिंदी मीडियम का हूं, मगर भाषा नहीं बनी बाधा’, बुकस्टोर में अपनी किताबें देखकर...

मुंबई, 12 फरवरी (आईएएनएस)। फिल्म निर्माता-निर्देशक और अभिनेता अनुपम खेर एक लेखक भी हैं। वह 'लेशन्स लाइफ टाउट मी', 'योर बेस्ट डे इज टूडे' समेत चार किताबें लिख चुके हैं। अपनी चौथी किताब को लेकर वह उत्साहित नजर आए। जीवन के संघर्षों और सीख पर आधारित किताब 'डिफ्रेंट बट नो लेस' को बुकस्टोर में देखकर वह इमोशनल नजर आए।

भारतीय ज्ञान परम्परा मूल एवं विकास विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी सम्पन्न, शोध और संवाद...

भोपाल : 11 फरवरी/ भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR), नई दिल्ली के प्रयोजन में संस्कृत, प्राच्य भाषा एवं भारतीय ज्ञान परम्परा केंद्र, मानविकी...

साहित्य के ‘सुदामा’: रोटी से सत्ता और सरकार को चुनौती, संसद के मौन पर...

नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)। 10 फरवरी की तारीख हिंदी कविता के एक सशक्त और असाधारण आवाज को याद करने की है, जो इस दिन शांत हो गया था। महज 39 वर्ष की उम्र में सुदामा पांडेय का ब्रेन ट्यूमर से निधन हो गया, लेकिन इतने छोटे जीवन में उन्होंने हिंदी कविता को जो तेवर, भाषा और दृष्टि दी, उसने उन्हें साठोत्तरी कविता के सबसे प्रभावशाली कवियों में शामिल कर दिया।

खरी बात