नई दिल्ली, 8 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस के वेस्ट डिस्ट्रिक्ट की जिला जांच इकाई (डीआईयू) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अवैध गारमेंट निर्माण और भंडारण इकाई का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स के नाम पर तैयार किए जा रहे 1,919 नकली रेडीमेड परिधानों को जब्त किया गया है। जब्त किए गए कपड़ों में कई प्रतिष्ठित ब्रांड्स के नकली उत्पाद शामिल हैं। पुलिस की ओर से गुरुवार को यह जानकारी दी गई।
दिल्ली पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया कि यह कार्रवाई टोडापुर, दिल्ली में स्थित एक अपर-ग्राउंड प्रिमाइस पर की गई, जहां बड़े पैमाने पर नकली ब्रांडेड कपड़ों का निर्माण और भंडारण किया जा रहा था। पुलिस ने मौके से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जिसकी पहचान राजीव नागपाल (45) के रूप में हुई।
यह पूरा मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित ब्रांड्स के अधिकृत प्रतिनिधियों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद सामने आया। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पश्चिमी दिल्ली में बड़े पैमाने पर नकली कपड़ों का निर्माण और बिक्री की जा रही है। शिकायत की गहन जांच, ट्रेडमार्क और कॉपीराइट दस्तावेजों के सत्यापन एवं ट्रेड मार्क्स एक्ट, 1999 की धारा 115(4) के तहत रजिस्ट्रार ऑफ ट्रेड मार्क्स से अनिवार्य राय प्राप्त करने के बाद, डीआईयू वेस्ट डिस्ट्रिक्ट ने छापेमारी की योजना बनाई।
7 जनवरी 2026 को की गई इस छापेमारी का नेतृत्व एसआई वंदना ने किया। टीम में एसआई उदयवीर सिंह और हेड कांस्टेबल ऋषिराज शामिल थे। पूरी कार्रवाई इंस्पेक्टर डीआईयू/वेस्ट के नेतृत्व में एसीपी/डीआईयू विजय सिंह की निगरानी में तथा उच्च अधिकारियों के समग्र पर्यवेक्षण में की गई। छापेमारी के दौरान शिकायतकर्ता कंपनियों के अधिकृत प्रतिनिधि भी मौके पर मौजूद रहे और पूरी प्रक्रिया कानूनी नियमों के तहत संपन्न की गई।
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने मौके से बड़ी मात्रा में नकली ब्रांडेड कपड़े बरामद किए। इनमें जारा ब्रांड की 1,050 नकली शर्ट, यूएसपीए ब्रांड की 650 नकली शर्ट और लेवाइस स्ट्रॉस एंड कंपनी की 213 नकली शर्ट शामिल हैं। इसके अलावा सैंपल के रूप में जारा, यूएसपीए और लेवाइस की दो-दो शर्ट यानी कुल छह सैंपल शर्ट भी जब्त की गईं। इस तरह कुल 1,919 नकली कपड़े जब्त किए गए।
इस मामले में थाना इंदरपुरी, दिल्ली में 7 जनवरी 2026 को एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी के खिलाफ ट्रेड मार्क्स एक्ट, 1999 की धारा 103/104 और कॉपीराइट एक्ट, 1957 की धारा 63/65 के तहत मामला दर्ज किया गया है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस मामले में आगे की जांच जारी है।

