हिमाचल में क्लीन स्वीप का हैटट्रिक बनाने की ओर भाजपा

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शिमला, 4 जून (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश में मतगणना के शुरुआती रुझानों से मिले संकेतों के अनुसार, चिर-प्रतिद्वंद्वी दलों कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच सीधी टक्कर में भाजपा मंगलवार को सभी चार संसदीय सीटों पर कब्जा बरकरार रखकर हैट्रिक बना सकती है।

चार बार के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर हमीरपुर निर्वाचन क्षेत्र में 3,43,471 वोटों के साथ आगे चल रहे हैं।

एक्टिंग से राजनीति में आईं कंगना रनौत मंडी में 3,34,447 वोटों के साथ आगे चल रही हैं।

कांगड़ा से राजीव भारद्वाज 4,61,564 वोटों के साथ और सुरेश कश्यप शिमला में 3,59,740 वोटों के साथ आगे चल रहे हैं।

चार बार के राज्यसभा सांसद और कांगड़ा से कांग्रेस उम्मीदवार आनंद शर्मा पीछे चल रहे हैं। शिमला से ताल्लुक रखने वाले शर्मा पहली बार लोकसभा के लिए मैदान में उतरे थे।

पार्टी की छात्र शाखा, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (NSUI) के संस्थापक सदस्य शर्मा ने 1982 में शिमला से विधानसभा चुनाव लड़ा था, जिसमें वह भाजपा के दौलत राम चौहान से 2,945 मतों से हार गए थे।

संसदीय चुनावों के साथ ही 1 जून को छह विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव हुए। ये विधानसभा सीटें सुजानपुर, धर्मशाला, लाहौल-स्पीति, बड़सर, गगरेट और कुटलैहड़ थीं। छह विधानसभा सीटों में से राज्य की सत्तारूढ़ कांग्रेस तीन पर आगे चल रही है, जबकि मुख्य विपक्षी दल भाजपा दो पर और एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार आगे चल रहा है।

सुजानपुर में कांग्रेस के कैप्टन रणजीत सिंह राणा भाजपा के राजिंदर राणा से आगे चल रहे हैं। धर्मशाला में भाजपा के सुधीर शर्मा कांग्रेस के देविंदर जग्गी से आगे चल रहे हैं। कुटलैहड़ से कांग्रेस उम्मीदवार विवेक शर्मा भाजपा के देविंदर कुमार भुट्टो से मामूली बढ़त बनाए हुए हैं।

गगरेट में कांग्रेस के राकेश कालिया भाजपा के चैतन्य शर्मा से आगे चल रहे हैं। बड़सर में भाजपा के इंद्र दत्त लखनपाल कांग्रेस के सुभाष चंद से आगे चल रहे हैं।

हिमाचल प्रदेश कैबिनेट में पूर्व भाजपा मंत्री रामलाल मारकंडा, जो निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं, लाहौल-स्पीति में अपनी निकटतम कांग्रेस प्रतिद्वंद्वी अनुराधा राणा से आगे हैं।

भाजपा ने 2014 और 2019 में भी सभी लोकसभा सीटें जीती थी। हालांकि मौजूदा लोकसभा के लिए बाद में हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने मंडी सीट जीत ली।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य में तीन चुनावी रैलियां की थीं। कांग्रेस को 2.5 लाख सरकारी कर्मचारियों के अपने मजबूत वोट बैंक पर भरोसा था, जिनकी पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली उनकी सरकार ने लागू किया है।

कांग्रेस ने 8 दिसंबर 2022 को विधानसभा चुनावों में पूर्ण बहुमत हासिल किया। उसने 68 सदस्यीय सदन में 40 सीटें जीती थीं जबकि निवर्तमान भाजपा 25 पर सिमट गई।