तालिबान ने कहा, बेशाम में हुए हमले से हमारा कोई संबंध नहीं

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इस्लामाबाद, 1 जून (आईएएनएस)। अफगानिस्तान के बेशाम शहर में चाइनीज इंजीनियरों को ले जा रही बस पर मार्च में आतंकी हमला हुआ था। तालिबान का कहना है कि उसका इस हमले से कोई संबंध नहीं है। साथ ही हमले की जांच में तालिबान ने पाकिस्तान की मदद से भी इनकार कर दिया है।

काबुल ने कहा, “26 मार्च को हुए आतंकी हमले से हमारा कोई संबंध नहीं है, जिसमें पांच चाइनीज इंजीनियर मारे गए थे।”

अफगान तालिबान ने बेशाम हमले की चल रही जांच में मदद के लिए इस्लामाबाद के अनुरोध को भी ठुकरा दिया है।

अफगान तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा, “पाकिस्तान काबुल और बीजिंग के बीच दरार पैदा करने का प्रयास कर रहा है। बेशाम में हुए हमले का अफगानिस्तान से कोई लेना-देना नहीं है। पाकिस्तान को अपनी सुरक्षा खुद सुनिश्चित करनी चाहिए।”

उन्होंने कहा कि चीन के नागरिकों को निशाना बनाना पाकिस्तान का मामला है। इसका अफगानिस्तान से कोई लेना-देना नहीं है। पाकिस्तान द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट चीन और अफगानिस्तान के बीच अविश्वास पैदा करने की कोशिश है। हमने बार-बार इसका खंडन किया है।

पाकिस्तान ने कहा था कि अफगान प्रशासन जांच को आगे बढ़ाने के लिए इस्लामाबाद के साथ सहयोग करने और काम करने के लिए तैयार है। पाक के इस बयान के 24 घंटे के भीतर काबुल ने यह प्रतिक्रिया दी।

इससे पहले, पाकिस्तान के आंतरिक सचिव मोहम्मद खुर्रम आगा तालिबान प्रशासन के लिए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का मैसेज लेकर काबुल गए थे।

राजनयिक सूत्रों ने पुष्टि की कि आगा ने अफगानिस्तान के अंतरिम उप गृह मंत्री मोहम्मद नबी ओमारी के साथ बैठक की। पाकिस्तान ने चीन के इंजीनियरों पर हमले के संदर्भ में सबूत साझा किए।

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने भी एक बयान जारी कर कहा कि अफगान पक्ष जांच के लिए सहमत हो गया है। उसने जांच को आगे बढ़ाने और इसके निष्कर्ष तक पहुंचाने के लिए पाकिस्तान के साथ मिलकर काम करने को कहा है।

बयान में कहा गया, “अफगान पक्ष ने पाकिस्तान समेत अन्य देशों के खिलाफ किसी भी आतंकवादी गतिविधि के लिए अपनी धरती के उपयोग को रोकने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।”

पाकिस्तान का दावा है कि बेशाम हमले में शामिल संदिग्धों की पहचान कर ली गई है। दोषियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए सबूत काबुल के साथ साझा किए गए हैं। पाकिस्तान विदेश कार्यालय की प्रवक्ता मुमताज ज़हरा बलूच ने शुक्रवार को इस मामले में काबुल की प्रतिबद्धता की पुष्टि की थी।