Sunday, August 23, 2026
SGSU Advertisement
Home स्वास्थ्य सरकारी स्वास्थ्य संवर्धन पहल को व्यावसायिक निकायों का मिला समर्थन

सरकारी स्वास्थ्य संवर्धन पहल को व्यावसायिक निकायों का मिला समर्थन

0
101

नई दिल्ली, 30 जुलाई (आईएएनएस)। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (डीजीएचएस) प्रोफेसर डॉ. अतुल गोयल ने भारत के प्रमुख स्वास्थ्य व्यावसायिक निकायों (प्रोफेशनल बॉडीज) के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की। हाइब्रिड मोड में आयोजित इस बैठक में 27 से ज्यादा प्रतिष्ठित स्वास्थ्य व्यावसायिक निकायों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

स्वास्थ्य मंत्रालय की पहलों को आगे बढ़ाने के लिए आयोजित बैठक में स्वस्थ आहार, शारीरिक गतिविधि को बढ़ावा देने और तंबाकू, अल्कोहल जैसे गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) के जोखिम कारकों को कम करने पर विशेष ध्यान दिया गया।

डॉ. गोयल ने बैठक के दौरान केवल निदान और उपचारात्मक उपायों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय रोकथाम के लिए स्वास्थ्य देखभाल संसाधनों को निवेश करने के महत्व पर बल दिया।

उन्होंने ‘स्वस्थ चिकित्सा/दंत महाविद्यालय परिसर’ पहल पर जोर दिया, जो देश के सभी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है।

प्रतिभागियों ने स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और बीमारियों को रोकने के तरीकों पर चर्चा की, जिसमें तंबाकू और अल्कोहल के सेवन को पूरी तरह से रोकने पर जोर दिया गया।

बैठक में इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम, 2019 को और भी सख्ती से लागू करने की जरूरत पर बल दिया गया।

बैठक में शामिल सभी व्यावसायिक निकायों (प्रोफेशनल बॉडीज) ने स्वास्थ्य संवर्धन की घोषणा को अपनाने पर सहमति व्यक्त की, जिसमें उन्होंने स्वास्थ्य मंत्रालय के स्वास्थ्य संवर्धन के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए काम करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के प्रयासों और सिफारिशों की सराहना करते हुए स्वास्थ्य संवर्धन के लिए सहयोगात्मक दृष्टिकोण के महत्व पर भी अपनी सहमति जताई।

स्वास्थ्य निकायों ने स्वास्थ्य संवर्धन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। साथ ही तंबाकू के उपयोग, शराब का सेवन और अन्य जोखिम कारकों के प्रचलन को कम करने के लिए जन जागरूकता अभियान, शैक्षिक कार्यक्रम और नीति समर्थन की आवश्यकता पर बल दिया गया।

बैठक में स्वास्थ्य शिक्षा और बीमारियों के कारणों को कम करने के लिए एकजुट होकर काम करने के महत्व पर बल दिया गया, जिससे एक स्वस्थ और मजबूत राष्ट्र का निर्माण हो सके।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा और सभी नागरिकों के कल्याण को बढ़ावा देने के लिए सहयोगपूर्ण और सक्रिय उपायों के माध्यम से अपने मिशन पर अडिग है।

बैठक में अतिरिक्त डीडीजी एवं ईएमआर निदेशक डॉ. एल. स्वस्तिचरण समेत वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में शामिल स्वास्थ्य संस्थानों में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी), विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) और अन्य शामिल थे।