इंडिया रेटिंग्स ने अदाणी ग्रीन एनर्जी को किया अपग्रेड, दी आईएनडी एए- रेटिंग

0
14

नई दिल्ली, 30 मई (आईएएनएस)। इंडिया रेटिंग्स और रिसर्च (आईएनडी-आरए) की ओर से गुरुवार को अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) की लंबी अवधि की रेटिंग को ‘आईएनडी ए+’ से बढ़ाकर ‘आईएनडी एए-‘ कर दिया गया है। साथ ही कहा कि कंपनी का आउटलुक स्थिर है।

एजीईएल की रेटिंग बढ़ाने की वजह भारत की सबसे बड़ी रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी होना है। इसके साथ संचालन के मापदंड पर भी कंपनी का प्रदर्शन काफी अच्छा है। वहीं, कंपनी के प्रवर्तकों की ओर से लक्ष्य को पूरा करने के लिए समय-समय पर इक्विटी डाली जा रही है।

कंपनी की ओर से क्षमता का भी लगातार विस्तार किया जा रहा है। कंपनी के पास मध्यम अवधि में 4 गीगावाट से लेकर 5 गीगावाट प्रति वर्ष क्षमता जोड़ने की क्षमता है, जो कि पहले 2.5 से लेकर 3.5 गीगावाट थी।

अपग्रेड की अन्य वजह कंपनी की ओर से विविधता लाना है। साथ ही प्राप्तियों में भी कमी आ रही है। इससे कंपनी पहले की अपेक्षा काफी मजबूत स्थिति में है।

रेटिंग एजेंसी के मुताबिक, अपग्रेड होल्डिंग कंपनी के लाभ के संबंध में एजीईएल की नीति में बदलाव को भी दर्शाता है, क्योंकि कंपनी ने अब 750 मिलियन डॉलर के होल्ड-को बांड के पुनर्भुगतान के लिए फंड्स को निर्धारित कर दिया है।

एनालिस्ट ने कहा, “अपग्रेड करने के अन्य कारणों में एजीईएल की ओर से टोटल एनर्जी एसई के साथ एक प्लेटफॉर्म बनाना है। इसके जरिए कंपनी कंसोलिडेशन फायदों को रखते हुए अपनी एसेट्स का मोनेटाइजेशन कर सकती है। वारंट के जरिए प्रवर्तकों की ओर से इक्विटी डाली जा रही है और 25 प्रतिशत राशि कंपनी के पास आ चुकी है। कंपनी इक्विटी और डेट के जरिए अपने अंडर-कंस्ट्रक्शन पोर्टफोलियो को पूरी तरह फंड करने में सक्षम है।”

एजीईएल ने इस महीने की शुरुआत में वित्त वर्ष 2024 के लिए 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 7,222 करोड़ रुपये का ईबीआईटीडीए दर्ज किया था। साथ ही कंपनी ने अपने रिन्यूएबल एनर्जी के 2030 के टारगेट को 45 गीगावाट से बढ़ाकर 50 गीगावाट कर दिया था।

एजीईएल ने पिछले वर्ष 2.8 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी की क्षमता का विस्तार किया था, जो कि इस दौरान पूरे देश में बढ़ी रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता का 15 प्रतिशत थी।

अपग्रेड पर एनालिस्ट ने आगे कहा कि इंडिया रेटिंग को उम्मीद है कि अंडर-कंस्ट्रक्शन पोर्टफोलियो से आने वाले समय में अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे। मौजूदा समय में कंपनी के पास 10.9 गीगावाट की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता है। कंपनी द्वारा 5 गीगावाट का विस्तार इसमें हर वर्ष करने का लक्ष्य रखा गया है।

आगे कहा कि बुलेटेड संरचना के मुकाबले परिशोधन संरचना कर्ज के परिशोधन को सुनिश्चित करता है। इससे प्रोजेक्ट की टेल लाइफ 15 प्रतिशत हो जाती है। इससे रिफाइनेंस और टेल जोखिम कम होता है।

इन सभी कारणों के चलते लीवरेज कम होकर 5.5 से लेकर 6.5 के स्तर पर आ गया है, जो कि पहले 9 के स्तर पर था।