मणिपुर: सरकार ने उग्रवादी हमले में मारे गए मैतेई के परिजनों को दी 10 लाख की आर्थिक मदद

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इम्फाल, 23 जनवरी (आईएएनएस)। मणिपुर सरकार ने शुक्रवार को मयांगलांबम ऋषिकांत सिंह के परिजनों के लिए 10 लाख रुपए की अनुग्रह राशि की घोषणा की, जिनका मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में संदिग्ध यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी (यूकेएनए) के आतंकवादियों द्वारा अपहरण कर बाद में हत्या कर दी गई थी।

गृह आयुक्त सह-सचिव एन अशोक कुमार ने कहा कि राज्य सरकार ऋषिकांत उर्फ गिनमिनथांग (29) के अपहरण और हत्या को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करती है। ऋषिकांत और उनकी पत्नी चिंगनु हाओकिप का 21 जनवरी को चुराचांदपुर जिला मुख्यालय के तुइबोंग स्थित उनके आवास से अपहरण कर लिया गया था। अधिकारी ने बताया कि ऋषिकांत की उसी जिले के नटजंग गांव में अज्ञात हथियारबंद बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी और उनका शव 22 जनवरी को मिला था।

यूकेएनए अगस्त 2008 में केंद्र सरकार के साथ सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस (एसओओ) समझौते का हस्ताक्षरकर्ता नहीं है। एसओओ त्रिपक्षीय समझौता केंद्र, मणिपुर सरकार और 23 कुकी-जो उग्रवादी समूहों के बीच हस्ताक्षरित किया गया था।

कुमार ने एक बयान में कहा, “राज्य सरकार शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती है और उनके दुख में उनके साथ है। मृतक मयांगलांबम ऋषिकांत सिंह के परिजनों के लिए 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की गई है।”

ऋषिकांत मैतेई समुदाय से थे और उनका विवाह चिंगनु हाओकिप से हुआ था, जो कुकी आदिवासी समुदाय से संबंध रखती हैं। पुलिस ने बताया कि विवाह के बाद ऋषिकांत ने गिनमिनथांग नामक आदिवासी नाम अपना लिया था।

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, दंपति को 20 जनवरी को यूकेएनए के संदिग्ध आतंकवादियों द्वारा अगवा कर लिया गया और चुराचंदपुर जिले के हेंगलेप पुलिस स्टेशन के अंतर्गत नटजंग गांव की ओर ले जाया गया। ऋषिकांत की कथित तौर पर बंधक बनाकर हत्या कर दी गई, जबकि उनकी पत्नी को बाद में रिहा कर दिया गया।

मणिपुर सरकार ने इस मामले को गहन जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दिया है।

वहीं, मणिपुर से कांग्रेस के लोकसभा सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम के नेतृत्व में गठित संयुक्त कार्रवाई समिति ने कांग्रेस विधायकों थोकचोम लोकेश्वर सिंह और कंगुजम रणजीत सिंह के साथ-साथ ऋषिकांत के परिवार के सदस्यों से मिलकर गुरुवार रात राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात की और एक ज्ञापन सौंपा।

राजभवन के एक अधिकारी ने बताया कि ज्ञापन में ऋषिकांत की हत्या के संबंध में चिंता व्यक्त की गई है और उचित कार्रवाई की मांग की गई है। राज्यपाल ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवार के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की।

राज्यपाल भल्ला ने प्रतिनिधिमंडल को सूचित किया कि मामले को गहन और निष्पक्ष जांच के लिए एनआईए को सौंप दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि दोषियों को पकड़ने के लिए 21 जनवरी की रात से गहन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें राज्य और केंद्रीय बलों का समन्वय है।

अधिकारी ने आगे कहा कि ये अभियान युद्धस्तर पर चलाए जा रहे हैं।

राज्यपाल ने कहा कि कानून के अनुसार सभी आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं और उन्होंने जानमाल के इस दुखद नुकसान पर गहरा खेद व्यक्त किया।

इस बीच, भाजपा, मैतेई समुदाय की सर्वोच्च संस्था मणिपुर अखंडता समन्वय समिति (सीओकोमी) और कई अन्य संगठनों ने इस हत्या की कड़ी निंदा की और दोषियों के लिए कड़ी सजा की मांग की। सीओकोमी ने इस हत्या को बर्बर कृत्य करार दिया और आरोप लगाया कि केंद्र सरकार हिंसाग्रस्त राज्य में सक्रिय सशस्त्र उग्रवादी समूहों को नियंत्रित करने में विफल रही है।