तमिलनाडु की परंपराओं को गहराई से आत्मसात किया; चाहता हूं राज्य, भाषा को उसका हक मिले : पीएम मोदी

0
10

चेन्नई, 31 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्होंने तमिलनाडु की संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिकता को गहराई से आत्मसात किया है और यही बात उन्हें बार-बार राज्य की ओर आकर्षित करती है, न कि “राजनीतिक लाभ” के लिए।

चुनावी बांड मुद्दे के बारे में और यह पूछे जाने पर कि क्या इसके कारण भाजपा बैकफुट पर है, प्रधानमंत्री ने इस योजना का बचाव करते हुए कहा कि 2014 के चुनाव तक किसी को पता नहीं था कि चुनाव में खर्च करने के लिए पैसा कहां से आ रहा है। उनकी सरकार द्वारा तैयार किए गए चुनावी बांड के बाद लोगों को स्रोत पता चला।

पारंपरिक तमिल पोशाक वेष्टि और मुंडू पहने प्रधानमंत्री ने तमिल टेलीविजन चैनल थांथी टीवी को दिए एक साक्षात्कार में कहा, इससे फंडिंग के संबंध में एक स्पष्ट तस्वीर मिलती है और राजनीतिक दल अधिक जवाबदेह होते हैं।

यह पूछे जाने पर कि दस साल तक सत्ता में रहने के बाद भी उन्हें 400 से ज्‍यादा सीटें जीतने के बारे में कितना आत्मविश्‍वास है, उन्होंने कहा कि देश की जनता भाजपा और एनडीए के लिए ऐसी ही जीत की आकांक्षा रखती है। उन्होंने कहा कि उनका ध्यान 2047 में भारत को विकसित बनाने पर है।

इन आरोपों पर कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसी केंद्रीय एजेंसियां राजनेताओं का “पीछा” कर रही हैं, पीएम मोदी ने कहा कि ईडी ने देश में 7,000 मामले दर्ज किए हैं, जिनमें से केवल 3 प्रतिशत राजनेताओं के खिलाफ दर्ज किए गए थे।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ईडी एक स्वतंत्र एजेंसी है और उन्होंने या उनकी सरकार ने इसके मामलों में हस्तक्षेप नहीं किया है, इसे किसी व्यक्ति के पीछे नहीं लगाया है, या गलत काम करने वालों के पीछे जाने से इसे प्रतिबंधित नहीं किया है।

यह देखते हुए कि पीएमएलए बहुत पहले से मौजूद था, उन्होंने कहा कि ईडी अपना कर्तव्य निभा रहा है। उन्होंने अपनी ओर से या अपनी सरकार की ओर से किसी भी प्रतिशोध से इनकार किया।

अपने तमिलनाडु दौरे पर पीएम मोदी ने कहा कि वह विवेकानंद रॉक मेमोरियल के उद्घाटन के दौरान कन्‍याकुमारी गए थे। उन्होंने कहा कि वह कन्‍याकुमारी से कश्मीर तक ‘एकता यात्रा’ का हिस्सा थे।

वंशवादी राजनीति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि वह एक परिवार के एक, दो या दस लोगों के राजनीति में आने के खिलाफ नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोगों को राजनीति में आना चाहिए। पीएम ने कहा कि मुद्दा उन परिवारों पर आधारित पार्टियों का है, जिनमें अगली पीढ़ी अपने पिता या दादा से विरासत ले रही है और हर निर्णय शीर्ष नेताओं के परिवार द्वारा लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे ऐसी पार्टियों में कई उज्ज्वल और मेधावी लोग किनारे हो जाते हैं।

यह पूछे जाने पर कि वह कांग्रेस को खुद को जिंदा करने के लिए क्या सलाह देंगे, उन्होंने कहा कि विपक्षी दल में कई वरिष्ठ नेता थे, जिन्हें किनारे कर दिया गया और अगर पार्टी इन नेताओं की बात माने तो वह आगे बढ़ सकती है।

इस सवाल पर कि वह तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और उनकी द्रमुक को क्या सलाह देना चाहते हैं? पीएम ने चुटकी लेते हुए कहा कि स्टालिन को उनसे किसी सलाह की जरूरत नहीं है, बल्कि यह तमिलनाडु के लोग हैं, जो आगामी चुनावों में उन्हें सलाह देंगे।

प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष के. अन्नामलाई की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अच्छी नौकरी छोड़ दी है और राज्य के लोगों की सेवा करने आए हैं। उन्होंने कहा कि अन्नामलाई किसी भी द्रविड़ पार्टी, जैसे द्रमुक या अन्नाद्रमुक या किसी भी जातिवादी पार्टी में शामिल हो सकते थे, लेकिन युवा नेता ने देश की सेवा के लिए भाजपा में शामिल होना पसंद किया।

अगर उनकी सरकार सत्ता में वापस आती है तो तमिलनाडु के लिए मोदी की क्या गारंटी है, इस सवाल पर पीएम ने कहा कि पहली प्राथमिकता रक्षा गलियारा है और थूथुकुडी बंदरगाह को विश्‍व स्तर तक बढ़ाया जाएगा, जिससे इस क्षेत्र और राज्य का विकास होगा। .

उन्होंने यह भी कहा कि जैसे तमिलनाडु की पारंपरिक इडली और डोसा देश और विदेश में उपलब्ध है, वह चाहते हैं कि तमिल भाषा, जो सबसे पुरानी भाषा है, उसे दुनिया में उचित मान्यता मिले और यही कारण था कि संयुक्त राष्ट्र में भाषण के दौरान उन्होंने तमिल में बात की। .

प्रधानमंत्री ने 5जी संचार में आईआईटी-मद्रास द्वारा किए गए अनुकरणीय कार्य और 6जी में किए जा रहे कार्यों के बारे में भी बात की।