रायपुर, 28 फरवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन से जुड़े ‘मूलवासी बचाओ मंच’ (एमबीएम) के एक प्रमुख सदस्य रघु मिडियामी को गिरफ्तार किया है।
एनआईए ने बताया कि यह गिरफ्तारी छत्तीसगढ़ में आतंकवाद के वित्तपोषण मामले की चल रही जांच के तहत की गई है।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा एमबीएम पर पहले ही प्रतिबंध लगा दिया गया है। एनआईए ने बताया कि शुरू में इस मामले की जांच छत्तीसगढ़ पुलिस कर रही थी, जिसमें नवंबर 2023 में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया और चार्जशीट दायर की गई। अधिकारियों ने संदिग्धों से छह लाख रुपये नकद बरामद किए, जिनकी पहचान एमबीएम के ‘ओवर ग्राउंड वर्कर्स’ (ओजीडब्ल्यू) के रूप में की गई है।
एनआईए ने फरवरी 2024 में मामले को अपने हाथ में लिया, जिसमें ऐसे सबूत मिले जिनसे पता चला कि रघु एमबीएम का नेता है। जांच से पता चला है कि एमबीएम ने भाकपा (माओवादी) एजेंडे का समर्थन करने के लिए धन इकट्ठा करने और उसके वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
एनआईए की जांच के अनुसार, रघु इन फंडों के स्थानीय स्तर पर वितरण का प्रबंधन करने वाला प्रमुख व्यक्ति माना जाता है, जिसका इस्तेमाल भाकपा (माओवादी) के नेतृत्व में विरोध-प्रदर्शन आयोजित करने और उसे बनाए रखने के लिए किया गया था। मामले में आगे की जांच जारी है।
छत्तीसगढ़ विशेष सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम, 2005 के तहत, 30 अक्टूबर को राज्य सरकार ने एमबीएम पर एक साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया, जिसकी कार्यकर्ताओं और कुछ सामाजिक संगठनों ने आलोचना की और समूह के साथ एकजुटता व्यक्त की। सरकार ने आरोप लगाया कि संगठन माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में किए जा रहे विकास कार्यों के खिलाफ “लगातार विरोध कर रहा है और आम जनता को भड़का रहा है”।
एनआईए ने जनवरी में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के दो ओवरग्राउंड सदस्यों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार किए गए धनेश राम ध्रुव उर्फ गुरु जी और रामस्वरूप मरकाम भाकपा (माओवादी) के सहयोगी थे, और राज्य विधानसभा चुनावों के दौरान छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के बड़ेगोबरा गांव में 17 नवंबर 2023 को हुए आईईडी विस्फोट के अपराधियों को रसद सहायता प्रदान करने में सक्रिय रूप से शामिल थे।