सर्वम एआई ने अपने इंडिक वॉयस लार्ज लैंग्वेज मॉडल को एज्योर में लाने के लिए माइक्रोसॉफ्ट के साथ साझेदारी की

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नई दिल्ली, 8 फरवरी (आईएएनएस)। इंडियन जेनरेटिव एआई स्टार्टअप सर्वम एआई ने गुरुवार को अपने इंडिक वॉयस लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम) को एज्योर पर उपलब्ध कराने के लिए माइक्रोसॉफ्ट के साथ सहयोग की घोषणा की।

यह सहयोग सर्वम एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) को अपने एलएलएम को जल्दी और कुशलता से प्रशिक्षित करने, होस्ट करने के लिए एज्योर ओपनएआई सर्विस तथा एज़्योर मशीन लर्निंग समेत माइक्रोसॉफ्ट के अत्याधुनिक क्लाउड और एआई बुनियादी ढांचे का उपयोग करने की इजाजत देगा।

सर्वम एआई के सह-संस्थापक प्रत्यूष कुमार ने एक बयान में कहा, “यह साझेदारी विभिन्न भारतीय भाषाओं और क्षेत्रों में एआई की पहुंच को बढ़ाकर ‘सर्वम’ यानी ‘सभी’ के हमारे दृष्टिकोण का प्रतीक है।”

सर्वम एआई का इंडिक वॉयस एलएलएम, जिसका उद्देश्य एलएलएम को एक नेचुरल वॉयस-आधारित इंटरफ़ेस प्रदान करना है, यह शुरुआत में हिंदी में उपलब्ध होगा। स्टार्टअप बोलचाल की भाषा के उपयोग के लिए समर्थन सुनिश्चित करते हुए अधिक भारतीय भाषाओं में कवरेज का विस्तार करने के लिए काम कर रहा है।

कंपनी के अनुसार, सर्वम एआई और माइक्रोसॉफ्ट, माइक्रोसॉफ्ट के जेनेरेटिव एआई फ्रंटियर भाषा मॉडल में भारतीय भाषाओं के लिए समर्थन को बेहतर बनाने और बढ़ाने के लिए भी मिलकर काम कर रहे हैं।

माइक्रोसॉफ्ट इंडिया और दक्षिण एशिया के अध्यक्ष पुनीत चंडोक ने कहा, “सर्वम एआई के साथ हमारे सहयोग के माध्यम से, हम न केवल घरेलू इनोवेशन का समर्थन कर रहे हैं, हम एक ऐसे भविष्य को बढ़ावा दे रहे हैं, जहां हर व्यक्ति, उनकी भाषा या बैकग्राउंड की परवाह किए बिना, आवाज-संचालित एआई समाधान की पावर से लाभ उठा सकता है।”

कंपनियां उद्यमों को जेनेरिक एआई को जल्दी और जिम्मेदारी से अपनाने में मदद करने के लिए भी मिलकर काम करेंगी।

सर्वम एआई के सह-संस्थापक विवेक राघवन ने कहा, “हम उद्यमों को जेनरेटिव एआई में सफल होने के लिए सशक्त बनाने के लिए फ्रंटियर मॉडल में माइक्रोसॉफ्ट के नेतृत्व और को-पायलट स्टैक के साथ सर्वम एआई में गहरी तकनीक विशेषज्ञता के संयोजन में खास तालमेल देखते हैं।”

पिछले साल दिसंबर में, सर्वम एआई ने लाइटस्पीड के नेतृत्व में और पीक एक्सवी पार्टनर्स और विनोद खोसला द्वारा संचालित खोसला वेंचर्स द्वारा समर्थित सीरीज ए राउंड में 41 मिलियन डॉलर जुटाए थे।