दिल्ली में स्मार्ट सिटीज़ इंडिया एक्सपो में प्रभावशाली परियोजनाओं की प्रदर्शनी

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नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी के प्रगति मैदान में 17 से 19 जनवरी तक आयोजित होने वाला 9वां स्मार्ट सिटीज इंडिया एक्सपो स्मार्ट सिटीज मिशन की उपलब्धियों को प्रदर्शित कर रहा है।

नेशनल पेवेलियन में इंदौर स्मार्ट सिटी की छप्पन दुकान, सूरत स्मार्ट सिटी के अतीत को भविष्य से जोड़ना, उदयपुर स्मार्ट सिटी का क्षेत्र-आधारित विकास और प्रयागराज स्मार्ट सिटी की पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण सहित कुछ सबसे प्रभावशाली परियोजनाओं के मॉडल दिखाये गये हैं।

इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइजेशन (आईटीपीओ) और एक्जीबिशन इंडिया ग्रुप द्वारा आयोजित तीन दिवसीय एक्सपो में स्मार्ट आईसीटी, स्मार्ट एनर्जी, भवन, परिवहन, जल और स्वच्छ भारत आदि सहित स्मार्ट सिटी ढांचे के प्रमुख वर्टिकल शामिल हैं। स्मार्ट शहरों को वास्तविकता बनाने की दिशा में गहन संचार और व्यावहारिक दृष्टिकोण को सक्षम करने के लिए यह एक मंच प्रदान करता है।

इस बीच, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने कहा कि 19 जनवरी को सिटी लीडर्स कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है, जो शहर के नेताओं के साथ-साथ निजी उद्यमियों को भी एक मंच पर लाएगा, ताकि रहने योग्य और टिकाऊ शहरों के निर्माण के लिए उपयुक्त समाधानों की पहचान करने वाली शहर की पहल पर चर्चा की जा सके।

अंतिम दिन 19 जनवरी को स्मार्ट सिटीज़ इंडिया अवॉर्ड्स भी आयोजित किए जाएंगे, जिसमें उन परियोजनाओं को मान्यता दी जाएगी, जिन्होंने 100 स्मार्ट शहरों में सर्वोत्तम प्रथाओं का सम्मान करके हमारे शहरों को रहने योग्य, टिकाऊ और आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाकर प्रभाव डाला है।

स्मार्ट सिटी मिशन 25 जून 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उन शहरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया गया था जो मुख्य बुनियादी ढांचा, स्वच्छ और टिकाऊ वातावरण प्रदान करते हैं और ‘स्मार्ट समाधान’ के अनुप्रयोग के माध्यम से अपने नागरिकों को जीवन की एक सभ्य गुणवत्ता प्रदान करते हैं।

मिशन के हिस्से के रूप में, सभी 100 स्मार्ट शहरों ने स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) की स्थापना की है। ये 100 एसपीवी 1.7 लाख करोड़ रुपये से अधिक की लगभग आठ हजार बहु-क्षेत्रीय परियोजनाएं विकसित कर रहे हैं। मंत्रालय के बयान के अनुसार, 15 जनवरी 2024 तक 100 एसपीवी ने 1.32 लाख करोड़ रुपये से अधिक की 6,650 से ज्यादा परियोजनाएं पूरी की हैं।

–आईएएनएस

एकेजे/