वंशवाद की राजनीति : कांग्रेस का लक्ष्य 6 मंत्रियों के बच्चों को मैदान में उतारकर कर्नाटक में भाजपा को चुनौती देना है

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बेंगलुरु, 31 मार्च (आईएएनएस)। कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में राज्य के छह कैबिनेट मंत्रियों के बच्चों और रिश्तेदारों को मैदान में उतारा है।

उपमुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार ने इस कदम का बचाव करते हुए कहा कि देश का पूरा राजनीतिक परिदृश्य बदल गया है, सभी दलों में मंत्रियों और नेताओं के परिवार के सदस्यों या बच्चों को चुनाव में उतारा जा रहा है।

कर्नाटक के कृषि विपणन मंत्री शिवानंद पाटिल की बेटी संयुक्ता पाटिल बागलकोट लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चार बार के सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता पी.सी. गद्दीगौडर के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं।

कर्नाटक की महिला एवं बाल कल्याण मंत्री लक्ष्मी हेब्बालकर के बेटे मृणाल हेब्बालकर वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार के खिलाफ बेलगावी लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं।

सुनील बोस, कर्नाटक के समाज कल्याण मंत्री एच.सी.महादेवप्पा के बेटे हैं। वह चामराजनगर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार एस. बलराज के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं, जो पूर्व विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के करीबी सहयोगी हैं।

कर्नाटक के लोक निर्माण विभाग मंत्री सतीश जारकीहोली की बेटी प्रियंका जारकीहोली चिक्कोडी लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के वरिष्ठ नेता अन्नासाहेब जोले के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं।

परिवहन मंत्री रामलिंगा रेड्डी की बेटी सौम्या रेड्डी बेंगलुरु दक्षिण लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के तेजस्वी सूर्या के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं।

कर्नाटक के वन मंत्री ईश्‍वर खंड्रे के बेटे सागर खंड्रे को बीदर लोकसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार और केंद्रीय राज्यमंत्री भगवंत खुबा के खिलाफ मैदान में उतारा गया है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री के. रहमान खान के बेटे मंसूर अली खान बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार तीन बार के सांसद पी.सी. मोहन के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं।

वंशवाद की राजनीति लंबे समय से कर्नाटक में जद (एस) का पर्याय रही है, पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य जद (एस) अध्यक्ष एच.डी. कुमारस्वामी पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा के पुत्र हैं।

कुमारस्वामी मंड्या लोकसभा क्षेत्र से एनडीए उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि देवेगौड़ा के पोते प्रज्‍ज्वल रेवन्ना ने दूसरी बार हासन लोकसभा क्षेत्र से नामांकन दाखिल किया है।

भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा का परिवार पार्टी के अंदर और बाहर दोनों जगह चर्चा का विषय बना हुआ है। उनके बेटे बी.वाई. विजयेंद्र को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि दूसरे बेटे बी.वाई. राघवेंद्र, शिवमोग्गा लोकसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार हैं।

राघवेंद्र ने 2009, 2014, 2018 (उपचुनाव) और 2019 में शिवमोग्गा लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है और पांचवीं बार नामांकन दाखिल करने के लिए तैयार हैं। उनका मुकाबला कांग्रेस की गीता शिवराजकुमार से है, जो कर्नाटक के शिक्षा मंत्री मधु बंगारप्पा की बहन हैं।

चिक्कोडी लोकसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार अन्नासाहेब जोले पूर्व मंत्री शशिकला जोले के पति हैं। अन्नासाहेब ने 2018 में चिक्कोडी-सदलगा निर्वाचन क्षेत्र से राज्य विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, उनकी पत्‍नी शशिकला जोले निप्पनी विधानसभा क्षेत्र से जीतीं और उन्हें कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल किया गया।

बाद में अन्नासाहेब को 2019 के आम चुनाव के दौरान चिक्कोडी लोकसभा क्षेत्र से टिकट दिया गया और उन्होंने जीत हासिल की।

गायत्री सिद्धेश्‍वर पूर्व केंद्रीय मंत्री जी.एम. सिद्धेश्‍वर की पत्‍नी हैं। सिद्धेश्‍वर को स्थानीय भाजपा नेतृत्व के विरोध का सामना करने के बाद दावणगेरे लोकसभा क्षेत्र से मैदान में उतारा गया था।

इसी तरह, कांग्रेस ने कर्नाटक के बागवानी मंत्री एस.एस. मल्लिकार्जुन की पत्‍नी प्रभा मल्लिकार्जुन को दावणगेरे लोकसभा क्षेत्र से मैदान में उतारा है। उनके ससुर शमनूर शिवशंकरप्पा कांग्रेस के विधायक हैं।

सी.एन. मंजूनाथ पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा के दामाद हैं। उन्‍हें बेंगलुरु ग्रामीण लोकसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार के रूप में नामित किया गया है। भाजपा का लक्ष्य डी.के.शिवकुमार के प्रभुत्व का मुकाबला करना है। उनके भाई और कांग्रेस सांसद डी.के. सुरेश बेंगलुरु ग्रामीण लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार हैं।

बेंगलुरु दक्षिण लोकसभा सीट से भाजपा के उम्मीदवार और भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या बसवनगुड़ी से भाजपा विधायक रवि सुब्रमण्यम के करीबी रिश्तेदार हैं। यह देखने वाली बात होगी कि क्या कर्नाटक की जनता वंशवाद की राजनीति का समर्थन करती है या नहीं।