प्रज्वल रेवन्ना विदेश से भारत के लिए रवाना, जानिए सेक्स स्कैंडल से जुड़ा पूरा घटनाक्रम

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बेंगलुरु, 30 मई (आईएएनएस)। जेडी-एस सांसद प्रज्वल रेवन्ना 31 मई को भारत लौटने वाले हैं। वह सेक्स वीडियो कांड में शामिल होने का आरोप लगने के बाद देश से फरार हो गए थे।

प्रज्वल रेवन्ना ने एक वीडियो में दावा किया कि वह 31 मई को सुबह 10 बजे जांच अधिकारियों के सामने पेश होंगे।

2019 के लोकसभा चुनाव में जेडी-एस ने प्रज्वल रेवन्ना को हासन लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया था। कांग्रेस के समर्थन से उन्होंने चुनाव जीता। स्थानीय भाजपा यूनिट के कड़े प्रतिरोध के बीच वह 2024 के संसदीय चुनाव के लिए एनडीए के उम्मीदवार बने।

जब 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा और जेडी-एस गठबंधन पर बातचीत चल रही थी, तब भाजपा नेता जी देवराजे गौड़ा ने चेतावनी दी थी कि प्रज्वल रेवन्ना के पिता एचडी रेवन्ना कई महिलाओं के उत्पीड़न में शामिल हैं।

8 दिसंबर 2023 को देवराजे गौड़ा ने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष और प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र को पत्र लिखकर प्रज्वल से जुड़े 2,976 सेक्स वीडियो वाले पेन ड्राइव के बारे में बताया था। उन्होंने पार्टी को यह भी चेतावनी दी कि पेन ड्राइव पहले से ही कांग्रेस के पास है।

19 अप्रैल को हासन, मांड्या और बेंगलुरु ग्रामीण संसदीय क्षेत्रों में पब्लिक प्लेस पर हजारों की संख्या में सेक्स वीडियो वाली पेन ड्राइव फेंकी गईं। कथित सेक्स वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। इससे देवगौड़ा परिवार को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। यह घटनाक्रम भाजपा के लिए भी शर्मिंदगी भरा साबित हुआ।

24 अप्रैल को महिला संगठनों के एक मंच ‘कर्नाटक राज्य महिला दौर्जन्य विरोधी वेदिके’ ने वीडियो के संबंध में राज्य महिला आयोग को पत्र लिखा।

25 अप्रैल को राज्य महिला आयोग ने सीएम सिद्दारमैया और डीजीपी आलोक मोहन को पत्र लिखकर स्कैंडल की जांच के लिए एसआईटी के गठन की मांग की।

26 अप्रैल को प्रज्वल रेवन्ना ने अपने खिलाफ लगे आरोपों का खंडन किया और अपना वोट डाला। उसी दिन रात में वे देश छोड़कर चले गए।

27 अप्रैल को सीएम सिद्दारमैया ने स्कैंडल में प्रज्वल रेवन्ना की संलिप्तता की पुष्टि करते हुए एसआईटी के गठन का ऐलान किया।

28 अप्रैल को एसआईटी ने प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।

30 अप्रैल को राष्ट्रीय महिला आयोग ने कर्नाटक के डीजीपी से आरोपियों को पकड़ने का आग्रह किया। दबाव के बाद जेडी-एस ने प्रज्वल रेवन्ना को पार्टी से निलंबित कर दिया।

1 मई को प्रज्वल रेवन्ना ने अपने एक्स अकाउंट पर कहा कि ‘सत्य की जीत होगी’ और जांच एजेंसियों के सामने पेश होने के लिए सात दिन का समय भी मांगा।

2 मई को सीएम सिद्दारमैया ने प्रज्वल रेवन्ना का डिप्लोमेटिक पासपोर्ट रद्द करने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा।

3 मई को जेडी-एस की एक महिला कार्यकर्ता ने प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ दूसरी एफआईआर दर्ज कराई। पीड़िता का कहना है कि प्रज्वल ने अपने दफ्तर में उसके साथ कई बार बलात्कार किया। उसने यह भी कहा कि प्रज्वल ने ब्लैकमेल करने के लिए इस कृत्य का वीडियो भी बनाया।

4 मई को प्रज्वल रेवन्ना के पिता एचडी रेवन्ना को सेक्स वीडियो कांड की पीड़ितों में से एक द्वारा दर्ज अपहरण मामले में गिरफ्तार किया गया।

5 मई को कर्नाटक के पूर्व सीएम एचडी कुमारस्वामी, जेडी-एस प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रज्वल रेवन्ना मामले को सीबीआई को सौंपने के लिए कर्नाटक के राज्यपाल से मिले।

6 मई को एसआईटी ने पीड़ितों के लिए हेल्पलाइन शुरू की।

13 मई को प्रज्वल रेवन्ना के पिता एचडी रेवन्ना को जमानत पर रिहा किया गया। उसी दिन पूर्व सीएम एचडी कुमारस्वामी ने प्रज्वल रेवन्ना से भारत लौटने और एसआईटी के सामने पेश होने की अपील की।

15 मई को कम से कम 107 बुद्धिजीवियों ने सीएम सिद्दारमैया को पत्र लिखकर प्रज्वल रेवन्ना की गिरफ्तारी की मांग की।

23 मई को पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा ने प्रज्वल को एक खुला पत्र लिखकर भारत वापस लौटने की सख्त चेतावनी दी। गौड़ा ने उनसे धैर्य की परीक्षा न लेने को भी कहा। उसी दिन सीएम सिद्दारमैया ने पीएम नरेंद्र मोदी को दूसरा पत्र लिखकर प्रज्वल का पासपोर्ट रद्द करने की अपील की।

27 मई को प्रज्वल रेवन्ना ने एक और वीडियो जारी कर कहा कि वह 31 मई को सुबह 10 बजे अधिकारियों के सामने पेश होंगे और सभी सवालों के जवाब देंगे।

एसआईटी ने प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 (2) एन, 506, 354 (ए) (1), 354 (बी) और 354 (सी) तथा आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।