15 दिन तक मलेशिया फंसा जालंधर का आकाश लौटा भारत, संत बलबीर सिंह सीचेवाल का जताया आभार

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कपूरथला, 14 मई (आईएएनएस)। मलेशिया में पिछले करीब 15 दिनों से फंसा जालंधर का युवक आकाश आखिरकार सुरक्षित भारत लौट आया है। उसकी वापसी राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल के प्रयासों से संभव हो सकी। भारत पहुंचने के बाद आकाश के परिवार ने राज्यसभा सांसद सीचेवाल से मुलाकात कर उनका धन्यवाद किया और कहा कि उन्होंने मुश्किल समय में परिवार का साथ निभाया।

जानकारी के अनुसार आकाश न्यूजीलैंड से भारत लौट रहा था, लेकिन यात्रा के दौरान दस्तावेजी प्रक्रिया में आई परेशानियों के चलते वह मलेशिया पहुंच गया, जहां उसे कई दिनों तक एयरपोर्ट पर ही रुकना पड़ा। बाद में उसे डिटेंशन सेंटर में भी रखा गया।

बलबीर सिंह सीचेवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हर नौजवान की दौड़ बाहर जाने के लिए लगी हुई है, लेकिन कुछ नौजवान इस कारण विदेश में फंस भी जाते हैं। फिर पता नहीं लगता है कि आखिर क्या करना होगा। जालंधर के रहने वाले आकाश की भी कुछ ऐसी ही हालत थी।

उन्होंने बताया कि आकाश 13 साल पहले न्यूजीलैंड गया था। 24 अप्रैल को आकाश भारत वापस लौटा। यहां से उसे वापस मलेशिया भेज दिया गया था, क्योंकि वह मलेशिया की एयरलाइन से ही दिल्ली पहुंचा था। कोई विवाद में आकाश का नाम होने पर इमिग्रेशन विभाग ने आकाश को भारत से वापस लौटा दिया था। फिर मलेशिया का प्रशासन आकाश को अपने मुल्क में एंट्री नहीं दे रहा था। इसी कारण आकाश कुछ दिन एयरपोर्ट पर रहा और फिर उसे कैंप में रखा गया था। आकाश के माता-पिता मेरे पास आए थे। इसके बाद हमने उनकी मदद की।

भारत लौटने के बाद आकाश और उसके परिवार ने बलबीर सिंह सीचेवाल से मुलाकात के दौरान उन्हें नोटों की माला भी पहनाई और आभार व्यक्त किया। आकाश ने सीचेवाल के पैर छूकर उनका आशीर्वाद भी लिया। परिवार ने बताया कि कई दिनों तक बेटे के विदेश में फंसे रहने से घर का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया था। उन्हें उम्मीद कम होती जा रही थी, लेकिन सीचेवाल की पहल और लगातार प्रयासों के चलते आखिरकार उनका बेटा सुरक्षित घर लौट आया।

आकाश ने बताया कि उसने बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना किया। उसने कई दिन एयरपोर्ट पर गुजारे और मानसिक रूप से काफी परेशान रहा। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में विदेशों में फंसे भारतीयों की मदद के लिए व्यवस्था और अधिक मजबूत होनी चाहिए ताकि किसी को इस तरह की परेशानी न झेलनी पड़े।

परिवार ने केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों से भी अपील की कि विदेशों में संकट में फंसे भारतीयों की सहायता के लिए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।