बेंगलुरु, 10 जुलाई (आईएएनएस)। कर्नाटक के बेंगलुरु अर्बन जिले के अनेकल तालुक से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। यहां सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली 8वीं कक्षा की छात्रा मधुश्री ने स्कूल में हुई प्रताड़ना और अपमान से आहत होकर आत्महत्या कर ली।
छात्रा ने सुसाइड नोट छोड़ा में शिक्षकों के व्यवहार और स्कूल में हुए घटनाक्रम का जिक्र किया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, मधुश्री अनेकल तालुक के मारासुरु सरकारी हाईस्कूल में पढ़ती थी। गुरुवार रात वह अपने घर में फंदे से लटकी मिली। शुक्रवार सुबह परिजनों को इस घटना की जानकारी हुई, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस के अनुसार, छात्रा ने सुसाइड नोट में लिखा कि स्कूल में उस पर 20 रुपए और 10 रुपए चोरी करने का झूठा आरोप लगाया गया। इस आरोप के बाद शिक्षकों ने उसे डांटा-फटकारा, जिससे वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गई। उसने लिखा कि वह इस अपमान और शर्मिंदगी को अब और बर्दाश्त नहीं कर सकती थी।
सुसाइड नोट में छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि एक शिक्षक ने होमवर्क पूरा नहीं करने पर उसे सजा दी थी और 20 रुपए का जुर्माना भी भरवाया था। इतना ही नहीं, उसे स्कूल से ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) जारी करने की धमकी भी दी गई थी। छात्रा ने लिखा कि इन घटनाओं ने उसे गहरे मानसिक तनाव में डाल दिया और इसी वजह से उसने यह कदम उठाया।
सुसाइड नोट में मधुश्री ने कई बार अपनी मां, भाई-बहनों और अन्य परिजनों से माफी मांगी। उसने परिवार से उसे माफ करने की अपील की और यह भी लिखा कि उसकी मौत के लिए उसकी मां को जिम्मेदार न ठहराया जाए क्योंकि यह फैसला उसने खुद लिया है।
छात्रा की मां ने भी स्कूल के शिक्षकों पर बेटी को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने मीडिया से कहा कि घर में किसी तरह की कोई परेशानी या प्रताड़ना नहीं थी। अगर ऐसा होता तो उनकी बेटी जरूर उन्हें बताती। उन्होंने कहा कि उन्हें सिर्फ इतना पता चला है कि स्कूल में कुछ शिक्षकों ने उनकी बेटी को परेशान किया था लेकिन यह नहीं जानतीं कि वे कौन शिक्षक थे।
सूर्यनगर पुलिस ने इस मामले में अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस सुसाइड नोट की सत्यता की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि छात्रा की आत्महत्या के पीछे क्या परिस्थितियां थीं।

