Thursday, August 20, 2026
SGSU Advertisement
Home राष्ट्रीय 21 अगस्त का पंचांग: मां लक्ष्मी और विष्णु की पूजा करना...

21 अगस्त का पंचांग: मां लक्ष्मी और विष्णु की पूजा करना शुभ, दोपहर 12:04 से 12:55 बजे तक अभिजीत मुहूर्त

0
4

नई दिल्ली, 20 अगस्त (आईएएनएस)। हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है।

21 अगस्त 2026 (शुक्रवार) को श्रावण महीने के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि रात 11:36 बजे तक है। इसके बाद दशमी तिथि लग जाएगी। माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु (या नारायण) के साथ-साथ संतोषी माता या वैभव लक्ष्मी की पूजा करना बहुत शुभ रहेगा, क्योंकि शुक्रवार का दिन विशेष रूप से देवी लक्ष्मी को समर्पित होता है।

शुक्रवार सुबह 6:09 बजे सूर्योदय और शाम 6:50 बजे सूर्यास्त होगा। वहीं, दोपहर 01:58 बजे चंद्रोदय और रात 12:36 बजे चंद्रास्त होगा। पंचांग के अनुसार, 21 अगस्त 2026 को सूर्य मघा नक्षत्र में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा दोपहर लगभग 11:52 बजे तक अनुराधा नक्षत्र में रहेगा, इसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र शुरू होगा।

शुक्रवार को हर्षण योग नहीं रहेगा, बल्कि इस दिन वैधृति योग है। इस दिन अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:04 से 12:55 बजे तक रहेगा। यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। अमृत काल सुबह 4:55 से 6:43 बजे तक रहेगा।

वहीं, राहुकाल सुबह 10:54 बजे से दोपहर 12:30 बजे और गुलिक काल सुबह 7:44 से 9:19 बजे तक रहेगा। इसके अलावा यमगंड काल दोपहर 3:40 से 5:15 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए क्योंकि इन्हें अशुभ समय माना जाता है।

शुक्रवार को इस दिन सूर्य सिंह राशि में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा वृश्चिक राशि में स्थित रहेगा। पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा करना अनिवार्य हो तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है।