पुणे, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला हॉकी ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 44 साल बाद गोल्ड मेडल जीता। भारत ने फाइनल में चीन को 1-0 से हराया। विजेता टीम का हिस्सा रहीं रुतुजा ने कहा कि फाइनल में चीन के खिलाफ टीम की खिलाड़ी निडर होकर खेलीं और उन्होंने अपनी प्लानिंग पर अमल किया।
रुतुजा पिसल ने ‘आईएएनएस’ के साथ बात करते हुए कहा, “44 साल बाद गोल्ड जीता, तो बहुत अच्छा लग रहा है। हॉकी महाराष्ट्र ने मुझे सपोर्ट किया इसलिए यह हो पाया। फाइनल मैच था, तो दबाव था ही, लेकिन हमने चीन के खिलाफ खेलने के लिए प्लानिंग की थी। मैच से पहले मैंने माता-पिता से बात की थी और उन्हें बताया था कि मेरा फाइनल मैच है, तो उन्होंने यही कहा कि दबाव मत लेना बेटा और अच्छे से खेलना। उन्होंने कहा कि जान लगा देना और भारत का नाम रोशन करना है। यही उम्मीद है तुमसे और इसी बात को दिमाग में रखना।”
भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी ने आगे कहा, “हमें पहले से अनुमान था कि फाइनल में चीन से हमारा सामना हो सकता है। हमने वर्ल्ड कप में उनके खिलाफ 2-2 से ड्रॉ खेला था, तो उन्हें खिताबी मुकाबले में देखकर हमें डर नहीं लग रहा था। ऐसा लग रहा था कि वह हमसे डर रहे हैं, क्योंकि वर्ल्ड कप में हमने ड्रॉ रहे मुकाबले में पहले गोल हमने किया था। बस डर यह था कि हमने जो इतनी कड़ी मेहनत की है, तो फाइनल में भी हम वैसा ही प्रदर्शन कर पाएंगे या नहीं।” रुतुजा ने बताया कि भारतीय महिला हॉकी टीम के गोल्ड जीतने के बाद उनके पास सबसे पहला कॉल पिता का आया था, जो काफी भावुक थे। रुतुजा के अनुसार, पिता का कहना था कि उन्होंने उनका नाम रोशन किया है और उन्हें रुतुजा पर गर्व है।
लड़कियों के प्रति समाज को संदेश देते हुए रुतुजा ने कहा, “लड़का या लड़की में फर्क नहीं करना चाहिए। लड़कियां जो चाहती हैं उन्हें वो करने की आजादी देनी चाहिए, चाहे फिर खेल हो या फिर कोई अन्य फील्ड।” रुतुजा ने क्रिकेट से हॉकी की तुलना को लेकर कहा कि हर खेल को एक नजरिए से ही देखा जाना चाहिए।
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने भी फाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। टीम की सफलता पर बात करते हुए गोलकीपर सूरज करकेरा ने ‘आईएएनएस’ के साथ बात करते हुए कहा, “हमें खुशी है कि हमने गोल्ड मेडल जीता है और ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई किया है। हमारा यहां पर जो स्वागत हुआ उसके लिए भी हम आभारी हैं। किसी तरह का डर या दबाव नहीं था। हमने कड़ी मेहनत और तैयारी की थी और यह उसी का नतीजा है। बहुत अच्छा लग रहा है कि इतना मान-सम्मान और इज्जत मिल रही है।” क्रिकेट से तुलना को लेकर पूछे गए सवाल पर सूरज ने कहा कि क्रिकेट टीम और हॉकी टीम दोनों ही भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
