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6 दिसंबर को लखनऊ में बसपा की महारैली, कार्यकर्ताओं को दिया जीत का मंत्र

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लखनऊ, 5 नवबंर (आईएएनएस)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने गुरुवार को लखनऊ में पार्टी की बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में सबसे बड़ा ऐलान 6 दिसंबर को होने वाले महापरिनिर्वाण दिवस समारोह को लेकर हुआ।

मायावती ने कहा कि 6 दिसंबर को बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस (पुण्यतिथि) पर लखनऊ के डॉ. भीमराव अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल पर होने वाले विशाल श्रद्धा-सुमन समारोह में वह मुख्य अतिथि के रूप में नेतृत्व करेंगी।

बैठक में बसपा यूपी स्टेट यूनिट के पदाधिकारी, मंडल सहित सभी स्तर के पदाधिकारी और सभी 75 जिलों के जिला अध्यक्ष शामिल हुए। मायावती ने बूथ लेवल तक की जमीनी तैयारियों, अच्छे से अच्छे उम्मीदवारों के चयन और सर्वसमाज में खासकर गरीब व कमजोर तबकों को उनके वोट की शक्ति के प्रति जागरूक करने के लिए दिए गए कामों की प्रगति की समीक्षा की।

उन्होंने कहा कि ‘बहुजन समाज’ के आत्म-सम्मान व स्वाभिमान का कारवां ‘वोट हमारा, राज भी हमारा’ के सर्वजन-हितैषी संकल्प के साथ सत्ता की मास्टर चाबी हासिल करके अपनी मंजिल की ओर तेजी से बढ़ें।

उन्होंने कहा कि देश में पूर्ण विश्वसनीय, स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनावी व्यवस्था और जिम्मेदार गवर्नेंस के अभाव के कारण राजनीतिक, सामाजिक व आर्थिक व्यवस्था प्रभावित है। उन्होंने ईवीएम को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि आज देश की अधिकतर जनता बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग कर रही है।

कांग्रेस, भाजपा और सपा को एक ही थैली के चट्टे-बट्टे बताते हुए मायावती ने कहा कि ये पार्टियां बाबा साहेब के संविधान की बात तो करती हैं, लेकिन उस पर अमल करने में विफल हैं। उन्होंने कहा कि यूपी की त्रस्त जनता को बसपा के ‘कानून द्वारा कानून का राज’ और ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ के तहत सुशासन की वापसी की उत्सुकता है, जिसे सही करके दिखाना है।

मायावती ने कहा कि बाबा साहेब डा. भीमराव अंबेडकर के संविधान को जमीनी स्तर पर लागू करके सर्वसमाज के गरीबों आदि में से खासकर ‘बहुजन समाज के लोगों का हित व कल्याण नकारने में कांग्रेस पार्टी व समाजवादी पार्टी सबसे बड़ी दोषी हैं। हालांकि वर्तमान में भाजपा सरकार भी कोई कम पीछे नहीं हैं।