Monday, August 10, 2026
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80वें स्वतंत्रता दिवस पर पहली बार लाल किले से गूंजेगा ‘वंदे मातरम्’, युवाशक्ति पर रहेगा विशेष फोकस

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नई दिल्ली, 10 अगस्त (आईएएनएस)। देश 15 अगस्त 2026 को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले से राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और देश को संबोधित करेंगे। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने सोमवार को बताया कि वर्ष 2026 में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस ऐतिहासिक अवसर को चिह्नित करते हुए पहली बार लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया जाएगा।

प्रधानमंत्री के लाल किले पहुंचने पर ‘वंदे मातरम्’ का गायन होगा। इसके बाद प्रधानमंत्री तिरंगा फहराएंगे और राष्ट्र को संबोधित करेंगे। इस वर्ष के समारोह में ‘युवा शक्ति’ को विशेष सम्मान दिया जाएगा और विकसित भारत 2047 के निर्माण में युवाओं के योगदान को रेखांकित किया जाएगा।

‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर लाल किले को विशेष तौर पर फूलों से सजाया जाएगा। लाल किले की प्राचीर के सामने ज्ञान पथ पर 2,500 एनसीसी कैडेट और ‘माई भारत’ स्वयंसेवक ‘वंदे मातरम्’ की आकृति बनाएंगे। भारतीय वायु सेना का एमआई-17 हेलीकॉप्टर ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का बैनर लेकर उड़ान भरेगा और लाल किले पर मौजूद लोगों पर पुष्पवर्षा करेगा।

स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान लोगों को एकजुट करने वाले ‘वंदे मातरम्’ को सम्मान देने के लिए 8 अगस्त से देशभर में सैन्य बैंड प्रस्तुतियों का आयोजन किया जा रहा है। सेना, नौसेना, वायु सेना, भारतीय तटरक्षक बल, एनसीसी, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, एसएसबी, बीएसएफ, आईडीएस, आरपीएफ और असम राइफल्स के बैंड 343 प्रमुख स्थानों पर 15 अगस्त तक प्रदर्शन करेंगे। इन कार्यक्रमों में आम नागरिक भी शामिल हो सकेंगे।

समारोह में युवाओं की उपलब्धियों को भी प्रमुखता दी जाएगी। अंतरराष्ट्रीय भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और गणित ओलंपियाड 2026 में पदक जीतने वाले 19 छात्रों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है और उन्हें लाल किले की प्राचीर के निकट बैठाया जाएगा। समारोह स्थल की सजावट में भारत की परमाणु और अंतरिक्ष तकनीक में हुई प्रगति को भी प्रदर्शित किया जाएगा, जो विकसित भारत 2047 की यात्रा को दर्शाएगी।

इस वर्ष लगभग 5,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया है, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। इनमें राष्ट्रीय नवाचार कार्यक्रमों से जुड़े युवा नवप्रवर्तक, प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के उत्कृष्ट इंटर्न, सफल स्टार्टअप उद्यमी, पीएम कौशल विकास योजना के प्रशिक्षित युवा, माई भारत स्वयंसेवक, नमस्ते, पीएम अजय और सीड योजनाओं के लाभार्थी, तथा दिल्ली सरकार के स्कूलों के प्रतिभाशाली छात्र शामिल हैं।

इसके अलावा महिला उद्यमी, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना और प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना के लाभार्थियों को भी विशेष अतिथि के रूप में बुलाया गया है। भारत टैक्सी के सारथी, विभिन्न क्षेत्रों के वैज्ञानिक एवं नवाचारकर्ता तथा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से जुड़े स्वयंसेवक भी समारोह का हिस्सा होंगे।

सरकार ने उन लोगों को भी सम्मान देने का निर्णय लिया है, जो पर्दे के पीछे रहकर समाज की सेवा करते हैं। पीएम स्वनिधि योजना के स्ट्रीट वेंडर, स्वच्छ भारत मिशन के तहत कार्यरत सफाईकर्मी, दिल्ली मेट्रो के उत्कृष्ट कर्मचारी, कर्तव्य पथ और सेंट्रल विस्टा परियोजना से जुड़े श्रमिक तथा दिल्ली के सरकारी अस्पतालों के वार्ड अटेंडेंट और अन्य कर्मचारी भी समारोह में आमंत्रित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से पारंपरिक वेशभूषा में 1,500 से अधिक लोगों को भी समारोह देखने के लिए बुलाया गया है।

स्वतंत्रता दिवस से पहले रक्षा मंत्रालय और माईगव के सहयोग से कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें ‘विकसित भारत 2047 के निर्माण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता, ‘भारत 1947 बनाम भारत 2047’ विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता तथा संविधान, महिला स्वतंत्रता सेनानियों, अंतरिक्ष और परमाणु तकनीक से जुड़े ऑनलाइन क्विज शामिल हैं। इन प्रतियोगिताओं के करीब 600 विजेताओं को भी समारोह में शामिल होने का अवसर मिलेगा।

आमंत्रित अतिथियों की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। छह स्थानों पर 25 क्लॉक रूम, सहायता केंद्रों पर 200 स्वयंसेवक, जरूरतमंदों के लिए 20 व्हीलचेयर, सुबह 4 बजे से संचालित मेट्रो सेवा और आमंत्रितों के लिए निःशुल्क यात्रा की व्यवस्था की गई है। पार्किंग की सुविधाएं, पैदल यात्रियों के लिए रैंप, गूगल और मैपल्स मैप पर ट्रैफिक जानकारी, तथा बारिश की स्थिति में रेन पॉन्चो भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

इस वर्ष के निमंत्रण पत्र पर ‘सेवा तीर्थ’ की थीम को दर्शाया गया है, जो कर्तव्य, सेवा और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना का प्रतीक है। कार्यक्रम के बाद लाल किले परिसर में एनसीसी कैडेट और माई भारत स्वयंसेवकों की भागीदारी से विशेष स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा ताकि परिसर को तुरंत साफ किया जा सके और स्वच्छ भारत का संदेश दिया जा सके।

पानी संरक्षण के संदेश को ध्यान में रखते हुए इस बार लाल किले के बैठने वाले अलग-अलग परिसरों के नाम देश की प्रमुख झीलों के नाम पर रखे गए हैं। वहीं, संभावित बारिश को देखते हुए लाल किले और आसपास के क्षेत्रों में जल निकासी तथा सीवरेज व्यवस्था की विशेष सफाई कराई जा रही है, ताकि समारोह के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।