मुंबई, 28 मार्च (आईएएनएस)। रेमंड ग्रुप के पूर्व एमडी और पद्म भूषण से सम्मानित उद्योगपति विजयपत सिंघानिया का 87 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके बेटे गौतम सिंघानिया ने शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी पुष्टि की। उनका अंतिम संस्कार कल, 29 मार्च 2026 को किया जाएगा।
गौतम सिंघानिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स लिखा, “गहरे दुख और शोक के साथ हम पद्म भूषण डॉ. विजयपत कैलाशपत सिंघानिया के निधन की सूचना दे रहे हैं।” उन्होंने अपने पिता को एक दूरदर्शी नेता, समाजसेवी और प्रेरणादायक व्यक्तित्व बताया, जिनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
उनका अंतिम संस्कार रविवार को मुंबई के चंदनवाड़ी श्मशान घाट पर किया जाएगा। परिवार और मित्रों से दोपहर 1:30 बजे एल.डी. रुपारेल मार्ग स्थित हवेली में एकत्र होने का अनुरोध किया गया है।
विजयपत सिंघानिया को एक बड़े उद्योगपति के रूप में याद किया जाएगा, जिन्होंने रेमंड ग्रुप को एक मजबूत और प्रतिष्ठित कंपनी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने करीब दो दशकों तक कंपनी का नेतृत्व किया और वर्ष 2000 तक चेयरमैन रहे। इसके बाद उन्होंने कंपनी की जिम्मेदारी अपने बेटे गौतम सिंघानिया को सौंप दी और अपनी 37 प्रतिशत हिस्सेदारी भी उन्हें दे दी।
विजयपत सिंघानिया और गौतम सिंघानिया के बीच कुछ साल पहले कानूनी विवाद भी हुए थे, हालांकि बाद में यह मामला सुलझ गया था।
1938 में जन्मे विजयपत सिंघानिया एक सफल उद्योगपति होने के साथ-साथ एक एविएटर भी थे। भारत सरकार ने उनके योगदान को देखते हुए उन्हें 2006 में पद्म भूषण से सम्मानित किया था। इसके अलावा, उन्हें लंदन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च से मानद पीएचडी भी मिली थी।
भारतीय वायुसेना ने उन्हें 1994 में मानद एयर कमोडोर नियुक्त किया था, और वर्ष 2006 में वे मुंबई के शेरिफ भी रहे। वर्तमान में, गौतम सिंघानिया रेमंड ग्रुप के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। बता दें कि रेमंड ग्रुप एक भारतीय ब्रांडेड कपड़ा और फैशन रिटेलर है, जिसकी स्थापना 1925 में हुई थी।




