नई दिल्ली, 8 मई (आईएएनएस)। सनातन धर्म में पंचांग के पांचों अंग (तिथि, वार, करण, योग और नक्षत्र) के आधार पर ही दिन की शुरुआत और शुभ-अशुभ समय का निर्धारण किया जाता है। 9 मई 2026 को ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि रहेगी। इस दिन अभिजीत मुहूर्त के साथ विजय मुहूर्त भी उपलब्ध होगा, जो शुभ कार्यों के लिए विशेष रूप से फलदायी साबित होगा।
9 मई को सूर्योदय 5 बजकर 34 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 7 बजकर 1 मिनट पर होगा। कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि दोपहर 2 बजकर 2 मिनट तक रहेगी। इसके बाद अष्टमी तिथि शुरू हो जाएगी। हालांकि, उदयातिथि के अनुसार पूरे दिन सप्तमी तिथि का ही मान होगा। नक्षत्र श्रवण, जो रात 11 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। उसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र लगेगा। वहीं, शुक्ल योग 10 मई की सुबह 2 बजकर 36 मिनट तक रहेगा। करण बव दोपहर 2 बजकर 2 मिनट तक और उसके बाद बालव करण रहेगा।
नए कार्य, यात्रा, शुभ आयोजन या महत्वपूर्ण फैसला लेने की सोच रहे हैं, तो विजय मुहूर्त और अभिजीत मुहूर्त का लाभ उठा सकते हैं। राहुकाल और अन्य अशुभ समय में सावधानी बरतने की सलाह विद्वान देते हैं। पंचांग के अनुसार समय का सही उपयोग करने से कार्यों में सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
शनिवार के शुभ मुहूर्त व योग की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 10 मिनट से 4 बजकर 52 मिनट तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 51 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 32 मिनट से 3 बजकर 26 मिनट तक रहेगा, जो अभिजीत मुहूर्त के साथ मिलकर शुभ कार्यों के लिए बहुत अच्छा समय माना जाता है। वहीं, अमृत काल दोपहर 12 बजकर 6 मिनट से 1 बजकर 51 मिनट तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 7 बजे से 7 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 5 बजकर 34 मिनट से रात 11 बजकर 24 मिनट तक रहेगा।
अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल सुबह 8 बजकर 56 मिनट से 10 बजकर 37 मिनट तक रहेगा। इस दौरान किसी भी शुभ या नया काम शुरू करने से बचना चाहिए। यमगंड दोपहर 1 बजकर 59 मिनट से 3 बजकर 39 मिनट तक रहेगा। गुलिक काल सुबह 5 बजकर 34 मिनट से 7 बजकर 15 मिनट तक रहेगा। दुर्मुहूर्त सुबह 5 बजकर 34 मिनट से 7 बजकर 22 मिनट तक रहेगा।

