नई दिल्ली, 27 अगस्त (आईएएनएस)। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने गुरुवार को कहा कि आज के छात्र ही कल लोकतंत्र के मशालवाहक हैं। उन्होंने कहा कि देशभर में स्थापित किए जा रहे इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ईएलसी 2.0) दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की नींव को और मजबूत करेंगे।
भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने चेन्नई में “इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ईएलसी 2.0) और ईसीआईनेट” विषय पर तीसरे क्षेत्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। इसमें तमिलनाडु और पुडुचेरी के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं तथा शिक्षकों ने भाग लिया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीईसी ज्ञानेश कुमार ने कहा कि युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ना और चुनाव प्रणाली पर उनका भरोसा मजबूत करना लोकतंत्र के भविष्य में निवेश है। उन्होंने छात्रों से भारत की चुनावी व्यवस्था, लोकतांत्रिक मूल्यों, मतदाता पंजीकरण, मतदान और मतगणना की प्रक्रिया तथा निर्वाचन आयोग की भूमिका और कार्यप्रणाली को समझने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि भारत में चुनाव संविधान, कानून और निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप पूरी पारदर्शिता के साथ कराए जाते हैं। चुनाव प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और उनके प्रतिनिधियों की मौजूदगी में समवर्ती निगरानी और ऑडिट किया जाता है।
निर्वाचन आयोग ने “लर्न डेमोक्रेसी, लीड डेमोक्रेसी” टैगलाइन के साथ ईएलसी 2.0 की शुरुआत की है। इसके तहत स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब को डिजिटल और संगठित मंच के रूप में विकसित किया जाएगा। ईसीआईनेट प्लेटफॉर्म के जरिए एक समर्पित ईएलसी पोर्टल बनाया जाएगा, जिससे पूरे वर्ष चुनावी साक्षरता से जुड़ी गतिविधियां संचालित होंगी और देशभर में ईएलसी का एकीकृत नेटवर्क तैयार होगा।
आयोग के अनुसार, देश में करीब 15 लाख स्कूल, लगभग 25 करोड़ छात्र और एक करोड़ से अधिक शिक्षक हैं। वहीं उच्च शिक्षा क्षेत्र में करीब 1,500 विश्वविद्यालय, 70,000 शैक्षणिक संस्थान और लगभग 4.33 करोड़ छात्र हैं। इस व्यापक नेटवर्क के माध्यम से ईएलसी 2.0 का उद्देश्य युवाओं में चुनावी प्रक्रिया की तथ्यात्मक और व्यावहारिक समझ विकसित करना तथा उन्हें जागरूक लोकतांत्रिक भागीदारी का दूत बनाना है।
इस पहल के तहत युवाओं को मतदाता पंजीकरण, मतदान, मतगणना, ईसीआईनेट ऐप और निर्वाचन आयोग की अन्य प्रमुख पहलों की जानकारी भी दी जाएगी।
इससे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ने तमिलनाडु के 500 से अधिक बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के साथ संवाद किया। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के सफल संचालन के लिए बीएलओ की सराहना की। साथ ही हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में 4.93 करोड़ वोट पड़ने और 86.03 प्रतिशत मतदान के साथ राज्य के इतिहास में सर्वाधिक मतदान दर्ज होने पर भी उन्हें बधाई दी।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों और बीएलओ ने मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ प्रश्नोत्तर सत्र में हिस्सा लिया और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अपने सवालों के जवाब सीधे प्राप्त किए।
