सहारनपुर (उत्तर प्रदेश), 8 जून (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सोमवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी।
इमरान मसूद ने ईवीएम को लेकर कहा कि अब ये लोग बेशक दावा करें कि इनका भरोसा ईवीएम पर बढ़ा है, लेकिन इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि आम लोगों का भरोसा ईवीएम पर कम हुआ है। आज की तारीख में स्थिति ऐसी बन चुकी है कि महंगाई अपने चरम पर पहुंच चुकी है। आलम यह है कि लोगों को अपना घर चलाने में भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। अब पता नहीं यह सिलसिला कब तक जारी रहेगा।
साथ ही, उन्होंने पेपर लीक का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आपकी सरकार में पेपर लीक हो रहे हैं, लेकिन अफसोस की बात है कि कोई भी इस संबंध में सवाल नहीं पूछ पाता है। अगर कोई सरकार से पूछने की कोशिश भी करता है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करके उसका मुंह बंद करने की कोशिश की जाती है। इससे यह साफ जाहिर होता है कि यह सरकार सवाल पूछे जाने से डरती है।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र ने वादा किया था कि किसानों की आय दोगुनी होगी। सभी लोगों के पास अपना आवास होगा, लेकिन आज की मौजूदा हकीकत किसी से छिपी नहीं है। आज की तारीख में न ही किसी किसान की आय दोगुनी हुई और न ही किसी को अपना घर मिला। इससे यह साफ जाहिर होता है कि इस सरकार ने वादाखिलाफी की है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता है। अब देश की जनता सब कुछ समझ रही है।
उधर, उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बयान के संबंध में भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अब अगर अखिलेश यादव ने किसी भी प्रकार का बयान दिया है तो जरूरत इसके पीछे कोई न कोई तथ्य छुपा होगा। वो कोई भी बात हवा में नहीं करते हैं।
इसके अलावा, उन्होंने मांस पर प्रतिबंध लगाने को लेकर कहा कि देश में 14 फीसदी लोग मुस्लिम हैं और मांस खाने वाले 82 फीसदी लोग हैं। ऐसी स्थिति में आपको किस बात का डर है? आप मांस पर प्रतिबंध लगा दीजिए, हमें इन चीजों से कोई फर्क नहीं पड़ता है।

