SGSU Advertisement
Home राजनीति ‘आपके राजनीतिक विरोध से रोजी-रोटी को दांव पर’, एसआईआर विवाद के बीच...

‘आपके राजनीतिक विरोध से रोजी-रोटी को दांव पर’, एसआईआर विवाद के बीच राहुल गांधी पर व्यापारी संगठनों ने लगाए आरोप

0
2

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य विपक्षी दलों का कई राज्यों के व्यापारी संगठनों ने विरोध किया है। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार और एसआईआर के विरुद्ध विपक्ष के प्रदर्शन के बीच व्यापारी संगठनों ने कहा कि राजनीतिक विरोध के नाम पर व्यापारियों की रोजी-रोटी को दांव पर लगाया जा रहा है।

भारतीय उद्योग व्यापार मंडल, न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल, दाल एवं बेसन मिलर्स एसोसिएशन दिल्ली, बैंगलोर उलसूर क्लॉक मर्चेंट एसोसिएशन, अनाज-चावल और तिलहन व्यापारी संघ, भारतीय रिकवर्ड पेपर ट्रेडर्स एसोसिएशन और जयपुर व्यापार महासंघ समेत अन्य संगठनों ने अपनी चिंताएं जाहिर करते हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पत्र व ईमेल लिखे हैं।

व्यापारी संगठनों ने राहुल गांधी से अपील की कि वे निर्वाचन आयोग के खिलाफ ‘इंडी’ गठबंधन के विरोध प्रदर्शनों के बीच कारोबारी समुदाय की चिंताओं पर ध्यान दें। उन्होंने चेतावनी दी है कि इन प्रदर्शनों और उनसे जुड़ी पाबंदियों का त्योहारों के अहम मौसम में कारोबारी गतिविधियों पर बुरा असर पड़ रहा है।

राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य सिराजुद्दीन एल्लाथोडी ने एक वीडियो संदेश में कांग्रेस नेता से विरोध प्रदर्शनों पर पुनर्विचार करने की अपील की। ​​उन्होंने त्योहारों के मौसम की बिक्री पर बहुत अधिक निर्भर रहने वाले व्यापारियों पर इनके असर का हवाला दिया।

उन्होंने कहा, “राहुल जी, यह व्यापारियों के समुदाय की ओर से एक अपील है। बहुत से व्यापारी अपने कारोबार के लिए त्योहारों के इस मौसम पर निर्भर रहते हैं। हाल के विरोध प्रदर्शनों का कारोबार पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। हम आपसे अनुरोध करते हैं कि कृपया इस तरह के विरोध प्रदर्शन वापस लें।”

राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के एक अन्य सदस्य अजय गुप्ता ने भी राहुल गांधी से प्रदर्शन रोकने का आग्रह किया और उनसे व्यापारियों व कारोबारी समुदाय के अन्य सदस्यों को हो रही दिक्कतों पर विचार करने को कहा।

दिल्ली दाल एवं बेसन मिलर्स एसोसिएशन के सदस्य घनश्याम दास गोयल ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “राहुल गांधी जी, एसआईआर के मुद्दे पर आपके और सहयोगी दलों के विरोध-प्रदर्शनों से व्यापारियों के कारोबार पर संकट खड़ा होना दुर्भाग्यपूर्ण है। राजनीतिक विरोध के नाम पर व्यापारियों की रोजी-रोटी को दांव पर लगाना कहां तक उचित है? जनता और व्यापारियों को जवाबदेही चाहिए।”

उन्होंने अपने एक वीडियो संदेश में कहा, “राहुल गांधी, आपसे अनुरोध है कि आपने एसआईआर और सीईसी के विषय पर हंगामा कर रखा है, कृपया इसे बंद करें। इससे सारा व्यापार चौपट हो रहा है। नवरात्र चल रहे हैं और दीवाली का त्योहार आने वाला है। आसपास के व्यापारी दिल्ली से माल खरीदने के लिए आते हैं, लेकिन आपने हंगामा के कारण लोगों ने दिल्ली आना छोड़ दिया है। इससे छोटे-छोटे व्यापारियों का व्यापार चौपट हो रहा है।”

बैंगलोर उलसूर क्लॉक मर्चेंट एसोसिएशन के सदस्य प्रकाश पिरगल ने भी एक वीडियो संदेश के जरिए राहुल गांधी से अपील की और त्योहारों व शादी-ब्याह के मौसम से पहले कारोबारियों के सामने आ रही चुनौतियों की ओर ध्यान दिलाया। पिरगल ने कहा, “राहुल गांधी जी, मैं आपका ध्यान एक अहम मुद्दे की ओर दिलाना चाहता हूं। लंबे समय बाद देश भर के कारोबारियों के लिए अच्छा समय आया है, क्योंकि त्योहारों और शादी-ब्याह का मौसम आने वाला है। ऐसे समय में, जब कई सड़कें बंद हैं और रास्ते रोके जा रहे हैं, तो इससे कारोबार पर असर पड़ रहा है।”

उन्होंने आगे कहा, “हम आपसे आग्रह करते हैं कि आप बातचीत के ज़रिए इस मुद्दे को सुलझाएं, न कि सड़कों पर उतरकर व्यापारियों के लिए दशहरा और दिवाली का त्योहार खराब करें।”

गौरतलब है कि कांग्रेस के नेतृत्व वाला ‘इंडिया’ गठबंधन और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ देश भर में अलग-अलग जगहों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। दोनों समूहों ने इस विवाद को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है।

विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया है और इस प्रक्रिया पर चिंता जताई है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस प्रक्रिया का बचाव किया है और कांग्रेस पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है।

फिलहाल, चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच कई जगहों पर सुरक्षा संबंधी पाबंदियां लगाई गई हैं। बाजार बंद करने और सड़कें जाम करने जैसे कदमों से आवाजाही और कारोबारी गतिविधियां बाधित हो रही हैं। इसी कारण व्यापारियों की चिंताएं बढ़ी हैं।