कानपुर, 5 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के कानपुर की आस्था सिंह ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान अपनी और अन्य महिलाओं की सुरक्षा के अलावा सोशल मीडिया पर मिल रही धमकियों को लेकर अपनी बातें रखी। उन्होंने कहा कि वह चाहती हैं कि जिस भी व्यक्ति पर वह आरोप लगा रही हैं, वह सामने आए और उनसे सीधा सामना करे, ताकि पूरी सच्चाई सबके सामने आ सके।
उन्होंने महिला सुरक्षा को लेकर सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि सरकार ने पहले महिला सुरक्षा को लेकर कई बड़े दावे किए थे। सरकार की ओर से यह भी कहा गया था कि चौराहों, बस स्टैंड और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर हेल्पलाइन और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी, लेकिन जमीनी स्तर पर इसकी स्थिति सही नहीं है।
आस्था सिंह ने कहा कि उनके द्वारा एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए जाने के बाद मामले में तेजी से कार्रवाई हुई है और एफआईआर भी दर्ज की गई है। इससे यह संकेत मिलता है कि कहीं न कहीं प्रशासन सक्रिय है और काम कर रहा है। उनकी चिंता सिर्फ उनके लिए नहीं, बल्कि उन सभी महिलाओं के लिए है जो सोशल मीडिया पर सक्रिय नहीं हैं और रोजमर्रा की जिंदगी में सार्वजनिक परिवहन से सफर करती हैं।
उन्होंने दिल्ली में हुई एक घटना का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं चिंता बढ़ाने वाली हैं और इस पर गंभीरता से कार्रवाई होनी चाहिए। वह किसी राजनीतिक उद्देश्य से यह मुद्दा नहीं उठा रही हैं, बल्कि यह एक गंभीर सामाजिक समस्या है, जिस पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी तरह की राजनीति में आने की इच्छुक नहीं हैं और उनका उद्देश्य केवल एक मुद्दे को उजागर करना है।
उन्होंने यह भी बताया कि सोशल मीडिया पर उन्हें कई तरह की धमकियां मिल रही हैं। उनके पास ऐसे संदेश आते हैं। उन्होंने कहा कि वह डरने वाली नहीं हैं और जो उन्हें सही लगता है, वह आगे भी करती रहेंगी। उन्होंने धमकी देने वालों को चुनौती देते हुए कहा कि जितना चाहें प्रयास कर लें, उनका इरादा नहीं बदलेगा।
आस्था सिंह ने कहा कि किसी व्यक्ति की सोच का संबंध केवल उसकी शिक्षा से नहीं होता। कई बार पढ़े-लिखे लोग भी गलत मानसिकता रखते हैं, जिसे सोशल मीडिया पर की जाने वाली आपत्तिजनक टिप्पणियों से देखा जा सकता है। यह समस्या केवल शिक्षा से जुड़ी नहीं है, बल्कि सोच और व्यवहार से जुड़ी है। उन्होंने एक घटना का भी जिक्र किया जब वह अकेली थीं और उन्होंने स्थिति का सामना खुद किया। उन्होंने बताया कि उस समय किसी ने समर्थन नहीं किया, और उन्होंने खुद ही स्थिति को संभाला और वहां से निकल गईं। अब उनका कहना है कि वह चाहती हैं कि संबंधित व्यक्ति सामने आए और सच्चाई सबके सामने आए, ताकि पूरा मामला स्पष्ट हो सके और न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ सके।

