Saturday, June 27, 2026
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आत्मनिर्भर भारत की नई उड़ान, 60 दिनों में सूरत से सेना तक पहुंचे 100 स्वदेशी कामिकेज ड्रोन

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सूरत, 26 जून (आईएएनएस)। गुजरात के सूरत की डिफेंस टेक स्टार्टअप ‘इनसाइड एफपीवी’ ने भारतीय सेना के लिए महज 60 दिनों के भीतर 100 स्वदेशी कामिकेज ड्रोन तैयार कर एक अनोखा रिकॉर्ड कायम किया है। खास बात यह है कि डिफेंस इकोसिस्टम में इसे अब तक की सबसे तेज डिलीवरी मानी जा रही है। इसी के साथ ही सूरत उन शहरों में शामिल हो गया है जो देश के डिफेंस सेक्टर को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार योगदान दे रहा है।

‘इनसाइड एफपीवी’ के सीईओ अर्थ चौधरी ने कहा कि इस स्टार्टअप के लिए भारत सरकार से बहुत समर्थन मिला है। साथ ही गुजरात सरकार ने भी कंपनी को ग्रांट दिया है। इतना ही नहीं, स्टार्टअप को प्रोत्साहन की नीति के अंतर्गत गुजरात सरकार ने कंपनी में निवेश भी किया है। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए बहुत खुशी की बात है कि हम लोगों ने 60 दिनों के भीतर 100 स्वदेशी कामिकेज ड्रोन तैयार किए।

इस कामिकेज ड्रोन की कई खासियत हैं। यह ड्रोन वन-टाइम यूज वाला है। यह ड्रोन 250 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से उड़ सकता है। इसकी मारक क्षमता बहुत घातक है। इसकी लागत भी विदेशी उपकरणों की तुलना में तकरीबन 100 गुना कम है। डिफेंस एक्सपर्ट्स ने भविष्य के युद्धों के लिए इस ड्रोन को अति महत्वपूर्ण बताया है।

डिफेंस एक्सपर्ट टीपी त्यागी ने कहा कि ‘इनसाइड एफपीवी’ आने वाले युद्धों के अंदर काफी कारगार साबित होगा।

सूरत के इस स्टार्टअप की सफलता सिर्फ एक कारोबारी उपलब्धि नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के उस विजन की तस्वीर है जिसमें देश अपनी सुरक्षा जरूरतों के लिए किसी दूसरे पर निर्भर नहीं रहना चाहता।

गुजरात के युवाओं को स्टार्टअप शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करने तथा स्टार्टअप और इनोवेशन के माध्यम से युवाओं की सृजनात्मक क्षमताओं को विकसित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने 2017-18 से पांच वर्षों के लिए स्टूडेंट स्टार्टअप एंड इनोवेशन पॉलिसी (एसएसआईपी) घोषित की थी। इस पॉलिसी को मिली अभूतपूर्व सफलता के बाद सीएम भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में वर्ष 2022 में स्टूडेंट स्टार्टअप एंड इनोवेशन पॉलिसी 2.0 (एसएसआईपी 2.0) लॉन्च की गई। इस पॉलिसी के अंतर्गत नए क्षेत्रों के साथ-साथ परंपरागत और नए युग की टेक्नोलॉजी के स्टार्टअप्स को बढ़ावा दिया जा रहा है।

स्टार्टअप सृजन सीड सपोर्ट योजना के तहत 400 से अधिक स्टार्टअप्स को 28 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान की गई है। आई-हब के इनक्यूबेटेड स्टार्टअप्स द्वारा राज्य में लगभग 4000 से अधिक रोजगार का सृजन हुआ है। वहीं, इन स्टार्टअप्स का कुल बाजार मूल्य करीब 3569 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।