Tuesday, August 18, 2026
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‘अब हमें कंगना रनौत से देशभक्ति की परिभाषा सीखनी होगी’, इमरान प्रतापगढ़ी का तंज

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नई दिल्ली, 18 अगस्त (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने भाजपा सांसद कंगना रनौत के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अब हमें उन लोगों से आजादी का महत्व और देशभक्ति सीखनी होगी, जो मानती हैं कि 2014 के बाद आजादी मिली।

भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम’ भारत की चेतना को दिखाता है। मैं खुद एक कलाकार के रूप में इस बात को समझती हूं कि कला और कविता लोगों के मन पर कितना गहरा असर डाल सकती है। ऐसे में ‘वंदे मातरम’ के प्रति जिस तरह का विरोध और नफरत दिखाई जा रही है और उसके गायन को रोकने की कोशिश की जा रही है, वह बेहद चिंताजनक है।

इसके बाद कंगना ने कहा कि कांग्रेस अब सिर्फ भाजपा विरोधी नहीं रह गई है, बल्कि देश के खिलाफ भी होती जा रही है।

कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि कंगना रनौत से देशभक्ति की परिभाषा सीखने की जरूरत नहीं है, जो कहती हैं कि 2014 के बाद देश आजाद हुआ। उनके हर सवाल का जवाब वहीं खत्म हो जाता है, जब वह कहती हैं कि 2014 के बाद आजादी मिली। अच्छी बात है कि कंगना रनौत ने अपना करियर अभिनय से शुरू किया। लेकिन, अब उन्हें पढ़ना-लिखना शुरू करना चाहिए।

उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधते हुए दावा किया कि संगठन ने लंबे समय तक अपने कार्यालयों पर तिरंगा नहीं फहराया और संविधान को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का देश की आजादी के आंदोलन में ऐतिहासिक योगदान रहा है।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा जेएसएससी-सीजीएल के तहत होने वाली परीक्षाएं रद्द करने के फैसले पर कांग्रेस सांसद प्रतापगढ़ी ने कहा कि छात्र राहुल गांधी का धन्यवाद कर रहे हैं और उनके समर्थन में नारे लगा रहे हैं। राहुल गांधी ने इस मामले में संवेदनशीलता के साथ हस्तक्षेप किया। उन्होंने छात्रों से बात की। हमारा प्रतिनिधिमंडल वहां गया, हमारे जिला अध्यक्ष लगातार वहां डटे रहे और एनएसयूआई का प्रतिनिधिमंडल भी वहां पहुंचा।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी द्वारा पत्र लिखे जाने के बाद मुख्यमंत्री ने भी संवेदनशीलता दिखाई। हेमंत सोरेन ने छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और बाद में उनकी ज्यादातर मांगों को स्वीकार कर लिया। देश के अलग-अलग हिस्सों में छात्र अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं। राहुल गांधी लगातार ऐसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं। कांग्रेस पूरी संवेदनशीलता से छात्रों के साथ खड़ी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर उन्होंने कहा कि यदि ट्रंप के बयान भारतीय मीडिया के लिए इतने महत्वपूर्ण हैं, तो प्रधानमंत्री की आलोचना करने पर उनके बयानों को नजरअंदाज क्यों किया जाता है या उन्हें आंतरिक मामला क्यों बताया जाता है।

उन्होंने चुनाव आयोग को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि देश में चुनावी प्रक्रिया और आयोग की भूमिका को लेकर लंबी बहस की जरूरत है। इस देश में चुनाव आयोग ने क्या-क्या किया है, यह एक लंबी बहस का विषय है। जब भी चुनाव आयोग के इस दौर को याद किया जाएगा, मुझे नहीं लगता कि इसे अच्छे शब्दों में याद किया जाएगा।