मुंबई, 7 अगस्त (आईएएनएस)। बॉलीवुड की चर्चित फिल्मों ‘लगान’ और ‘गजनी’ में अपने यादगार अभिनय के लिए पहचाने जाने वाले वरिष्ठ अभिनेता प्रदीप रावत का 4 अगस्त को 74 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। प्रदीप रावत अपने पीछे पत्नी और बेटे विक्रमादित्य को छोड़ गए हैं।
प्रदीप रावत की आत्मा की शांति के लिए शुक्रवार को शांति सभा का आयोजन किया गया, जहां कई सितारे पहुंचे। आईएएनएस से बातचीत करते हुए प्रदीप रावत के बेटे विक्रमादित्य भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं कि वह काफी समय से बीमार थे, लेकिन ऐसा नहीं है।
विक्रमादित्य ने बताया कि दो से ढाई महीने पहले उनकी तबीयत खराब हुई थी। जांच में कैंसर का पता चला, जो काफी आक्रामक होता है। इस तरह का कैंसर आमतौर पर युवाओं को होता है, लेकिन वह इसकी चपेट में आ गए और इस लड़ाई में हार गए।
उन्होंने कहा, “मेरे पिता काफी खुद्दार इंसान थे। उन्होंने मुझे मेहनत करना सिखाया है। वह चाहते थे कि मैं स्टार बनूं और मैंने भी यही ठाना है। देखते हैं किस्मत मुझे कहां लेकर जाती है। मेरे पिता पहले फौजी बनना चाहते थे। मेरे दादा जी फौजी थे। वह फौज में नहीं जा सके, इसके बाद वह एक्टिंग में आ गए। उनके जाने का मुझे बहुत दुःख है, लेकिन खुशी इस बात की है कि वह मेरे पिता थे। उन्होंने मुझे सलाह दी थी कि कभी अहंकार मत लाना। हमेशा सिर झुकाकर काम करना।”
अभिनेता अमीन हाजी ने कहा कि हम लोगों की जिंदगी बहुत व्यस्त हो गई है। हमारे काम कभी खत्म नहीं होंगे, लेकिन दोस्त और जिंदगी खत्म हो जाते हैं। ऐसे में जब भी वक्त मिले, दोस्तों के साथ समय बिताना चाहिए। हमारा एक अच्छा दोस्त अब हमारे साथ नहीं है। उन्होंने कहा था कि मैं जल्द ही ठीक होकर वापस आऊंगा और हम सभी मस्ती करेंगे, लेकिन वह यह लड़ाई हार गए।
अभिनेता मुकेश ऋषि ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि वह अभी भी काम कर रहे थे और उनका शरीर भी उनका साथ दे रहा था। उनका व्यक्तित्व कैसा था, यह सभी जानते हैं, लेकिन जो हुआ उसे कोई रोक नहीं सकता। हमने साथ में कई फिल्मों में काम किया। हम लोग अगर लंबे समय बाद भी मिलते थे, तो बहुत अपनापन महसूस होता था। उनके साथ बिताया समय बहुत अच्छा रहा। भगवान उनकी आत्मा को शांति दें। उनके परिवार पर भगवान की कृपा बनी रहे और सभी को इस दुःख की घड़ी से उबरने की शक्ति मिले।

