रांची, 7 नवंबर (आईएएनएस)। झारखंड की राजधानी रांची में आदिवासी नेत्री निशा भगत की आत्महत्या के मामले में राजनीतिक बयानबाजी बढ़ती जा रही है। इस घटना पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के नेता मनोज पांडे ने दुख जताते हुए कहा कि निशा भगत एक आदिवासी बेटी थीं और उनमें काफी संभावनाएं थीं। उन्होंने कहा कि मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसी को बचाया नहीं जाएगा और न ही किसी को झूठे मामले में फंसाया जाएगा।
झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के नेता मनोज पांडे ने आईएएनएस से कहा कि निशा भगत सरकार और उनके नेताओं की आलोचना करती थीं लेकिन लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने और सरकार की आलोचना करने का अधिकार है। आलोचना करने का यह मतलब नहीं है कि कोई व्यक्ति किसी का दुश्मन बन जाता है। उन्होंने इस घटना को बेहद दुखद, पीड़ादायक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि प्रथमदृष्टया उन्हें लगता है कि अगले दो से पांच दिनों में मामले की पूरी सच्चाई सबके सामने आ जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मामले में किसी भी व्यक्ति को अनुचित तरीके से संरक्षण नहीं दिया जाएगा।
बता दें कि रांची में निशा भगत ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। जानकारी के अनुसार, निशा भगत ने फेसबुक पर लाइव आकर कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद उन्होंने पिठोरिया थाना प्रभारी को फोन कर आत्महत्या करने की बात बताई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और स्थानीय स्तर पर अफरा-तफरी मच गई।
बताया जा रहा है कि गंभीर हालत में निशा भगत को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद से मामले को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं और जांच की मांग भी की जा रही है।
मामले में सीबीआई जांच की मांग को लेकर मनोज पांडे ने कहा कि सीबीआई जांच की जरूरत तब महसूस होती है, जब पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठें। यदि ऐसा लगे कि पुलिस किसी को बचा रही है, लापरवाही बरत रही है या किसी निर्दोष को झूठे मामले में फंसाया जा रहा है, तब जांच दूसरी एजेंसी को सौंपने की मांग उठती है।
उन्होंने अंकिता भंडारी मामले और उज्जैन की घटनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य के भीतर होने वाली घटनाओं की जांच करना राज्य पुलिस की जिम्मेदारी है। पुलिस को निष्पक्ष तरीके से जांच कर सच्चाई सामने लानी चाहिए।
