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अगर अभिषेक के ऑफिस में तोड़-फोड़ हुई है, तो यह कानून-व्यवस्था का मामला है: दिलीप घोष

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कोलकाता, 4 सितंबर (आईएएनएस)। अभिषेक बनर्जी के दफ्तर में तोड़फोड़, आरजी कर केस और बीएड घोटाले पर पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष की प्रतिक्रिया सामने आई है।

आईएएनएस से बातचीत करते हुए अभिषेक बनर्जी के दफ्तर में तोड़फोड़ को लेकर दिलीप घोष ने कहा, “देखिए, कई जगहों पर तोड़-फोड़ हो रही है। इसलिए, अगर अभिषेक बनर्जी के ऑफिस में तोड़फोड़ हुई है, तो यह कानून-व्यवस्था का मामला है। कानून की मदद लेनी चाहिए और शिकायत दर्ज करानी चाहिए। आप विरोध क्यों कर रहे हैं? पुलिस पर भरोसा रखें क्योंकि उन्होंने पुलिस को ऐसा बना दिया था कि लोग उन पर भरोसा नहीं कर पाते थे लेकिन आपको पुलिस के पास जाकर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। पुलिस कार्रवाई करेगी।”

उन्होंने कहा, “भाजपा ने किसी पार्टी का ऑफिस अपने कब्जे में नहीं लिया है। ये पार्टी ऑफिस सरकारी जमीन पर या किसी और की जमीन या घर पर अवैध कब्जा करके बनाए गए थे। उनके राज्य मुख्यालय को भाजपा ने नहीं लिया। आपने किसी और के घर पर कब्जा करके अपना ऑफिस बनाया था। उन्होंने नोटिस जारी करके उसे खाली करवाया और आपका बोर्ड हटा दिया। तो इसमें भाजपा का क्या लेना-देना है? आप किसी की संपत्ति पर गलत तरीके से या अवैध कब्जा करके घर नहीं बना सकते। जिस व्यक्ति की वह जमीन थी, उसने उसे वापस ले लिया है।”

ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए दिलीप घोष ने कहा, “ममता बनर्जी ने 15 सालों में कोई समस्या हल नहीं की है। इसके बजाय, नई समस्याएं पैदा की गई हैं और लोगों को आपस में लड़ाया गया है। आज यहां जो बाढ़ की स्थिति है, उसका समाधान पहले ही निकाला जाना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले 50 सालों से पुरानी सरकारें समस्याएं पैदा करती थीं और दूसरों पर दोष मढ़ती थीं, लेकिन उन्हें हल नहीं करती थीं। हमारी सरकार हर समस्या की जड़ तक जाकर उसे खत्म करने की कोशिश कर रही है। यहां के लोगों को एक-दो साल में इसका फायदा मिलेगा।”

उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी की हालत ऐसी है कि अगर वह कहीं मीटिंग करने जाती भी हैं, तो चार लोग भी नहीं आते। इसलिए, उन्हें फेसबुक पर लाइव जाकर लोगों को बताना पड़ता है। उन्हें किसी ने नहीं रोका है। वह जाएं, विरोध करें, आंदोलन करें, काम करें। लेकिन उनके कार्यकर्ता भाग गए हैं। जो लोग फायदा उठाने वाले थे, जैसे व्यापारी, ठेकेदार और बिल्डर, वे भी भाग गए हैं। वह कालीघाट में अकेली बैठी हैं, फेसबुक पर लाइव जा रही हैं और लोगों को अपनी शिकायतें बता रही हैं। इससे कुछ नहीं होने वाला। कुछ दिन चुप रहिए और देखिए क्या होता है। सरकार काम कर रही है।”

दिलीप घोष ने कहा कि कई पंचायत प्रधान, पार्षद, चेयरमैन और विधायक बंगाल से बाहर भाग गए हैं। उनमें से कई पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं। उनके खिलाफ शिकायतें भी दर्ज की जा रही हैं और पुलिस उन्हें ढूंढकर कानून के सामने ला रही है, चाहे वे कहीं भी हों।