मुंबई, 12 जून (आईएएनएस)। एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने कॉमेडियन प्रणित मोरे के शो में सेजल पवार की विवादित टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि डार्क कॉमेडी, स्टैंड-अप कॉमेडी, सॉफ्ट कॉमेडी या डार्क ह्यूमर, किसी भी तरह की अभिव्यक्ति हो, उसकी एक मर्यादा होनी चाहिए। किसी को भी ऐसी सीमा पार नहीं करनी चाहिए जिससे किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचे। उनका कहना है कि अगर यही बयान किसी मुस्लिम महिला ने दिया होता तो मीडिया ट्रायल हो जाता।
उन्होंने बताया कि सेजल पवार को लेकर केईएम अस्पताल ने स्पष्ट किया है कि वह डॉक्टर नहीं, बल्कि एमबीबीएस तृतीय वर्ष की छात्रा हैं। सेजल द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्द निंदनीय हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को बुरा लगेगा यदि मृत व्यक्तियों के शरीर या जननांगों को लेकर इस तरह की टिप्पणी की जाए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सेजल पवार इस मामले में माफी मांग चुकी हैं।
पठान ने कहा कि मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई है, एफआईआर दर्ज है और पुलिस जांच जारी है। उन्होंने दावा किया कि जांच के दौरान यह भी सामने आ रहा है कि वह पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल रही हैं। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
साथ ही उन्होंने यह सवाल उठाया कि यदि सेजल पवार की जगह किसी मुस्लिम नाम वाली महिला, जैसे रिहाना, शबाना या आयशा, ने ऐसी टिप्पणी की होती, तो पूरे मुस्लिम समाज को कटघरे में खड़ा कर दिया जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी स्थिति में मीडिया ट्रायल होता, राष्ट्रीय बहस छिड़ जाती और मामले को अलग तरीके से पेश किया जाता। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए।
कंट्रोवर्सियल फिल्म ‘काला हिरण-द बैटल फॉर लेगेसी’ को लेकर वारिस पठान ने कहा कि वह हिट एंड रन मामले के शुरुआती चरण में सलमान खान के वकील रहे थे, लेकिन काले हिरण मामले से उनका कोई संबंध नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि एक वकील के तौर पर उनका मानना है कि यह मामला अभी न्यायालय में लंबित (सब-जुडिस) है। ऐसे में यदि इस विषय पर कोई फिल्म बनती है या रिलीज होती है, तो स्वाभाविक रूप से सलमान खान को यह चिंता हो सकती है कि इससे उनकी छवि प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने कहा कि सलमान खान एक बड़े स्टार, ब्रांड और वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय व्यक्तित्व हैं। ऐसे में कुछ लोग उनके नाम का उपयोग करके चर्चा या प्रचार हासिल करने की कोशिश भी कर सकते हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनका व्यक्तिगत आकलन है और अंतिम निर्णय अदालत के फैसले के बाद ही स्पष्ट होगा। उन्होंने कहा कि न्यायालय जो भी फैसला देगा, उसका सम्मान सलमान खान, फिल्म निर्माता और अन्य संबंधित लोगों को करना होगा।
वहीं, पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ एफआईआर पर वारिस पठान ने कहा, “दीदी का समय बहुत खराब चल रहा है। हर कोई दीदी का साथ छोड़ रहा है। खबर है कि उनके खिलाफ कार्रवाई भी हुई है और कथित हेट स्पीच को लेकर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच करेगी।”
जब पूछा गया कि क्या कभी ऐसा समय आएगा जब पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी जेल जाएंगी, तो वारिस पठान ने कहा, “कानून सभी पर समान रूप से लागू होता है, चाहे वह मुख्यमंत्री हों या आम नागरिक। संविधान यही कहता है। कोई भी कानून संविधान से ऊपर नहीं है। हर कोई इसके दायरे में आता है।”

