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‘अगले दो मैच हमारे लिए बहुत अहम, लय बनाए रखना होगा जरूरी’, सेमीफाइनल मैच से पहले बोलीं कप्तान हरमनप्रीत

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नई दिल्ली, 7 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने विमेंस एशिया कप 2026 के नॉकआउट स्टेज में अपनी टीम से मोमेंटम (लय) बनाए रखने की अपील की है। हरमनप्रीत ने कहा कि अगले दो मैच बेहद अहम होंगे और खिलाड़ियों को उन योजनाओं पर डटे रहना होगा, जिसे लीग स्टेज में टीम को मदद मिली है।

हरमनप्रीत ने सोमवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में कहा, “अगले दो मैच हमारे लिए बहुत अहम हैं। एक बार में एक मैच पर ध्यान देना है। अगला मैच बहुत जरूरी है। उम्मीद है कि हम इस टूर्नामेंट में जैसा अच्छा प्रदर्शन करते आ रहे हैं, उसे जारी रखेंगे। मुझे लगता है कि अब मोमेंटम बहुत महत्वपूर्ण है। खुद पर भरोसा करना, अपनी योजनाओं पर विश्वास करना और उसी तरह खेलना जैसे हम लीग स्टेज के दौरान बैटिंग और बॉलिंग करते रहे हैं।”

भारत के अभियान में सभी विभागों का योगदान रहा है। हरमनप्रीत ने उन प्रदर्शनों का जिक्र किया है जिनसे टीम को निर्णायक दौर में जाने से पहले आत्मविश्वास मिला है। उन्होंने खासतौर पर पहले मैच में शेफाली वर्मा के आक्रामक खेल और दूसरे मैच में स्मृति मंधाना की सेंचुरी का जिक्र किया, और टीम के गेंदबाजी अटैक की भी प्रशंसा की।

उन्होंने आगे कहा, “पहले मैच में शेफाली की बैटिंग, जिस तरह से वह बॉल को हिट कर रही थीं, और दूसरे मैच में स्मृति की सेंचुरी, उनकी बैटिंग देखना शानदार था। हमारे गेंदबाजों ने भी चुनौती स्वीकार की है। उन्हें बस अपनी योजनाओं और खुद पर भरोसा रखने की जरूरत है और जब भी टीम को आवश्यकता हो, उसे लागू करना है। सभी का प्रदर्शन कुल मिलाकर अच्छा रहा। अब सेमीफाइनल और फाइनल हैं। मुझे लगता है कि हमें बस बार-बार कड़ी मेहनत करते रहने की जरूरत है।”

कप्तान का लगातार अच्छा प्रदर्शन करने पर जोर ऐसे समय में आया है जब भारत नॉकआउट राउंड के दबाव का सामना कर रहा है। बहुत आगे की सोचने के बजाय हरमनप्रीत ने हर मैच को अलग-अलग तरह से लेने और लीग स्टेज के दौरान बने आत्मविश्वास को बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।

हरमनप्रीत कौर ने पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए मैच में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। वह 150 टी20 इंटरनेशनल मैचों में कप्तानी करने वाली पहली क्रिकेटर (पुरुष और महिला) बनीं। हरमनप्रीत के लिए इस स्टेज तक का सफर उनकी अपनी उम्मीदों से भी कहीं ज्यादा रहा है। अपने करियर और उन्हें मिले सपोर्ट के बारे में बात करते हुए उन्होंने इस मुकाम तक पहुंचने में मदद के लिए अपनी टीम की साथियों, बीसीसीआई, सपोर्ट स्टाफ और अपने परिवार को श्रेय दिया।

उन्होंने कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं इतनी दूर तक पहुंच पाऊंगी। मैं अपनी टीम की साथियों, बीसीसीआई स्पोर्ट्स स्टाफ, अपने परिवार के सदस्यों और माता-पिता को इसका श्रेय देना चाहूंगी। वे मेरी सबसे बड़ी ताकत रहे हैं। उम्मीद है कि मैं आगे भी कई वर्षों तक टीम को जरूरत पड़ने पर कड़ी मेहनत करती रहूंगी।”