नई दिल्ली, 4 नवंबर (आईएएनएस)। अग्निवीर योजना के तहत सेवा अवधि चार साल से बढ़ाकर छह साल किए जाने के फैसले पर युवाओं की सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आई। उत्तर प्रदेश के चंदौली और हरदोई के साथ ही राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र में सेना भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि दो साल का अतिरिक्त समय मिलने से अग्निवीरों को सेना में काम करने का अधिक अनुभव मिलेगा। इससे उन्हें आर्थिक रूप से भी सहारा मिलेगा और भविष्य की तैयारी के लिए अतिरिक्त अवसर मिलेंगे।
युवाओं ने यह भी कहा कि अग्निवीर योजना के साथ सेना में पुरानी स्थायी भर्ती व्यवस्था को भी दोबारा शुरू किया जाना चाहिए, ताकि सेना में जाने का सपना देखने वाले अधिक से अधिक युवाओं को मौका मिल सके।
युवाओं ने कहा कि पहले अग्निवीरों के लिए चार साल की सेवा अवधि निर्धारित थी। अब इसमें दो साल की बढ़ोतरी किए जाने से कुल अवधि छह साल हो जाएगी। युवाओं का मानना है कि इससे जवानों को सेना में ज्यादा समय तक देश की सेवा करने और अपने कौशल को बेहतर बनाने का अवसर मिलेगा।
चंदौली में अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं ने सेवा अवधि बढ़ाने के फैसले को बेहतर बताया। उनका कहना है कि चार साल की सेवा अवधि कम लगती थी और इतने कम समय में जवानों को सेना में काम करने का पर्याप्त अनुभव हासिल करने में कठिनाई हो सकती थी। एक युवक ने कहा कि सरकार ने चार साल की व्यवस्था को दो साल बढ़ाकर छह साल कर दिया है, जो अच्छी पहल है। हालांकि, युवक ने यह भी कहा कि पहले स्थायी नौकरी की व्यवस्था अलग और बेहतर थी।
युवक ने कहा कि चार साल की सेवा के बाद जवान को यह महसूस करने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता था कि उसने सेना में लंबे समय तक काम किया है। छह साल की अवधि होने से जवानों को अधिक अनुभव मिलेगा और वे सेवा के दौरान बेहतर तरीके से अपनी जिम्मेदारियों को समझ सकेंगे। सेवा पूरी होने के बाद सरकार की ओर से नौकरी के अवसर उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी युवाओं के लिए अच्छी बात है।
एक अन्य युवक ने बताया कि वह स्वयं अग्निवीर की परीक्षा पास कर चुका है और भर्ती की तैयारी कर रहा है। सेवा अवधि में दो साल की बढ़ोतरी उसके जैसे युवाओं के लिए भी उत्साह बढ़ाने वाली है। 75 प्रतिशत अग्निवीरों के वापस आने पर राज्य सरकार में पुलिस और अन्य विभागों में नौकरी के अवसर मिलने की व्यवस्था की गई है। इससे सेना में सेवा देने के बाद युवाओं को आगे बढ़ने का रास्ता मिलेगा। सरकार की ओर से दिए जा रहे अवसरों से तैयारी कर रहे युवाओं को मजबूती मिलेगी।
चंदौली के एक अन्य युवक ने कहा कि चार साल की जगह छह साल की सेवा होने से अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त अनुभव मिलेगा। सेवा के बाद जब वे राज्य सरकार के विभागों में नौकरी के लिए जाएंगे तो उनके पास पहले से ज्यादा अनुभव होगा। इससे उन्हें और संबंधित विभागों को फायदा मिल सकता है। युवक ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि सेवा अवधि बढ़ने से युवाओं और उनके परिवारों को भी लाभ होगा।
हरदोई में अग्निवीर बनने की तैयारी कर रहे सिद्धार्थ सिंह चौहान ने भी सरकार के फैसले का स्वागत किया। सिद्धार्थ के परिवार के दो बड़े भाई पहले से ही अग्निवीर के रूप में वायुसेना में सेवाएं दे रहे हैं। अब वह भी सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करना चाहते हैं। सिद्धार्थ ने बताया कि उनके एक भाई करीब दो साल पहले और दूसरे भाई करीब तीन साल पहले अग्निवीर के रूप में भर्ती हुए थे। उनके एक बड़े भाई की नौकरी 25 प्रतिशत नियमितीकरण के नियम के तहत स्थायी हो गई है जबकि दूसरे भाई अभी अग्निवीर के रूप में सेवा दे रहे हैं।
सिद्धार्थ ने कहा कि सेवा अवधि बढ़ने से उन युवाओं को फायदा होगा, जिन्हें चार साल के भीतर अपनी तैयारी पूरी करने या आगे की परीक्षाओं के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता था। सामान्य परिवारों से आने वाले युवाओं के लिए यह फैसला आर्थिक और करियर के लिहाज से सहायक हो सकता है। उन्होंने कहा कि वह पूरी मेहनत और लगन से अपनी तैयारी कर रहे हैं और सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करना चाहते हैं।
सिद्धार्थ के मामा देवेंद्र सिंह ने भी इस निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम युवाओं के हित में है। इससे उन्हें आगे बढ़ने और सेना में अपना भविष्य बनाने के लिए अधिक समय और अवसर मिलेगा। उन्होंने फैसले को स्वागतयोग्य बताते हुए कहा कि इससे सेना में जाने की इच्छा रखने वाले युवाओं को प्रोत्साहन मिलेगा।
डिफेंस सर्विसेज कोचिंग इंस्टीट्यूट चलाने वाले पुनीत सिंह चंदेल ने भी सेवा अवधि बढ़ाने के फैसले को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि उनकी एकेडमी में युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है। हर साल उनके संस्थान से करीब 10 से 15 छात्र अग्निवीर योजना के तहत नौसेना, वायुसेना और थलसेना में चयनित होते हैं। अब तक उनकी एकेडमी के 50 से 60 छात्र तीनों सेनाओं में चयनित हो चुके हैं।
पुनीत सिंह चंदेल ने कहा कि चार साल की सेवा अवधि को बढ़ाकर छह साल करना युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव है। योजना में 25 प्रतिशत नियमित भर्ती का अवसर भी युवाओं के लिए अहम है। चार साल के प्रशिक्षण और सेवा के दौरान युवा आत्मनिर्भर बनते हैं। ऐसे में अतिरिक्त दो साल उन्हें और अनुभव हासिल करने का मौका देंगे। सेवा अवधि बढ़ने से भर्ती की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों में उत्साह बढ़ सकता है।
राजस्थान के सीकर और शेखावाटी क्षेत्र में भी अग्निवीरों की सेवा अवधि बढ़ाने के फैसले का युवाओं ने स्वागत किया। उनका कहना है कि इस फैसले से सेना में सेवा दे रहे जवानों को अतिरिक्त समय मिलेगा। इससे उनका सैन्य अनुभव बढ़ेगा और परिवार को आर्थिक रूप से भी मदद मिलेगी। युवाओं ने कहा कि सेवा अवधि बढ़ने से अग्निवीरों को देश की सेवा करने का ज्यादा अवसर मिलेगा और भविष्य में दूसरी नौकरियों के लिए भी उनका अनुभव उपयोगी साबित हो सकता है।
हालांकि, शेखावाटी के युवाओं ने यह भी कहा कि अग्निवीर योजना लागू होने के बाद सेना में स्थायी भर्ती के अवसर पहले की तुलना में सीमित हुए हैं। इसलिए सरकार को छह साल की सेवा अवधि बढ़ाने के साथ पुरानी भर्ती व्यवस्था पर भी विचार करना चाहिए। उनका कहना है कि सेना में स्थायी रोजगार के अवसर बढ़ाने से उन युवाओं को राहत मिलेगी, जो लंबे समय तक सेना में रहकर देश की सेवा करना चाहते हैं।
मोहित भारती ने कहा कि पहले सेना में स्थायी नौकरी की व्यवस्था थी लेकिन बाद में उसे बदलकर चार साल की अग्निवीर योजना लागू की गई। अब सरकार ने चार साल की अवधि में दो साल और जोड़ने का फैसला किया है। इससे युवाओं को दो साल का अतिरिक्त अनुभव मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति को भी सहारा मिलेगा। इस फैसले से अधिक युवा सेना भर्ती के प्रति जागरूक होंगे और आर्मी सेंटरों में भर्ती के लिए आने वाले युवाओं की संख्या बढ़ सकती है।
सेना भर्ती की तैयारी कर रहे मोहित सिंह ने कहा कि सेवा अवधि बढ़ने से अग्निवीरों और उनके परिवारों को फायदा होगा। उन्होंने शेखावाटी क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां बड़ी संख्या में युवा सेना भर्ती की तैयारी करते हैं। ऐसे युवाओं के लिए दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार लाभकारी होगा। उन्होंने कहा कि परिवारों को भी इससे आर्थिक सहयोग मिलेगा क्योंकि अब उनके बच्चों को चार साल के बजाय छह साल तक नौकरी करने का अवसर मिलेगा।
हालांकि, मोहित सिंह ने केंद्र सरकार से पुरानी व्यवस्था बहाल करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि सरकार को अग्निवीर की नौकरी को पहले की तरह 15 साल की स्थायी सेवा वाली व्यवस्था में बदलने पर विचार करना चाहिए।
