नई दिल्ली, 31 मई (आईएएनएस)। नारी शक्ति की अद्वितीय प्रतीक लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की जयंती देशभर में मनाई जा रही है। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं ने लोकमाता अहिल्याबाई को नमन किया है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “होलकर घराने की महान दार्शनिक और लोकमाता, पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होल्कर ने एक स्वाभिमानी और आदर्श शासक के रूप में अपना जीवन जिया। दानशील, कर्तृत्ववान, धर्मपरायण और कुशल प्रशासक जैसी अनेक उपाधियों को उन्होंने सार्थक किया। उनकी जयंती के पावन अवसर पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि और सादर नमन।”
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “देशभर में मंदिरों, घाटों और धर्मस्थलों के पुनर्निर्माण व जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से एक आदर्श शासन व्यवस्था का उदाहरण प्रस्तुत करने वाली ‘लोकमाता’ अहिल्याबाई होल्कर की जयंती पर कोटिशः नमन। प्रजा के हित को सर्वोपरि रखते हुए विकास, धर्म और संस्कृति के संरक्षण के लिए उनकी ओर से किए गए अनुकरणीय कार्य आज भी हमें सुशासन और लोकहित के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा प्रदान करते हैं।”
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पोस्ट किया, “नारी शक्ति, सुशासन और लोककल्याण की प्रतीक, धर्म और संस्कृति की संरक्षिका, लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। जनसेवा, न्यायप्रियता और सनातन धरोहरों के संरक्षण के लिए उनकी तरफ से किए गए कार्य भारतीय इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित हैं। उनका आदर्श जीवन समर्पण, संवेदना और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता रहेगा।”
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की जयंती पर उन्हें नमन किया। सीएम धामी ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “धर्म और संस्कृति के उत्थान के लिए समर्पित अहिल्याबाई होलकर का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।”
दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने लिखा, “महान वीरांगना, लोककल्याणकारी शासक और नारी शक्ति की अद्वितीय प्रतीक लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की जयंती पर शत-शत नमन। न्यायप्रिय शासन, जनसेवा के प्रति समर्पण और भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण में अहिल्याबाई जी का योगदान अतुलनीय है। अपने दूरदर्शी नेतृत्व से उन्होंने सुशासन, लोककल्याण और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की ऐसी मिसाल स्थापित की, जो आज भी देशवासियों को प्रेरित करती है।”

