Wednesday, July 22, 2026
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अहमदाबाद एयरपोर्ट पर बम की धमकी से निपटने का मॉक ड्रिल, सीआईएसएफ ने कई एजेंसियों के साथ परखी सुरक्षा तैयारियां

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अहमदाबाद, 22 जुलाई (आईएएनएस)। देश के प्रमुख हवाई अड्डों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से सीआईएसएफ की एविएशन सिक्योरिटी ग्रुप (एएसजी) अहमदाबाद इकाई ने सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर वार्षिक मल्टी-एजेंसी बॉम्ब थ्रेट मॉक एक्सरसाइज-2026 का सफल आयोजन किया।

इस अभ्यास का उद्देश्य किसी भी बम की धमकी जैसी आपात स्थिति में सुरक्षा बलों और अन्य एजेंसियों की तैयारियों तथा आपसी समन्वय का परीक्षण करना था।

मॉक ड्रिल के दौरान ऐसा परिदृश्य तैयार किया गया, जिसमें एक्स-बीआईएस स्क्रीनिंग के दौरान एक संदिग्ध विस्फोटक से भरे बैग का पता चलता है। इसके बाद सीआईएसएफ और अन्य संबंधित एजेंसियों ने तय मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन करते हुए तुरंत पूरे क्षेत्र को सुरक्षित किया। यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया, खतरे का आकलन किया गया और आधुनिक बम निरोधक उपकरणों की मदद से संदिग्ध आईईडी को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया गया।

अभ्यास के अंत में डीआईजी/सीएएसओ की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान सभी एजेंसियों की तैयारियों, आपसी समन्वय और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की विस्तार से समीक्षा की गई, ताकि भविष्य में किसी भी वास्तविक स्थिति से और अधिक प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

बता दें कि वार्षिक मल्टी-एजेंसी बॉम्ब थ्रेट मॉक एक्सरसाइज भारत के सभी प्रमुख हवाई अड्डों पर आयोजित की जाने वाली एक अनिवार्य और उच्च स्तरीय सुरक्षा कवायद है। इसका नेतृत्व मुख्य रूप से सीआईएसएफ की एविएशन सिक्योरिटी ग्रुप करती है। इस अभ्यास में बम की धमकी जैसी काल्पनिक स्थिति तैयार कर यह परखा जाता है कि सुरक्षा एजेंसियां सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से कार्रवाई करती हैं।

इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा बलों की ऑपरेशनल तैयारियों का आकलन करना, विभिन्न केंद्रीय, राज्य और निजी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) की प्रभावशीलता की जांच करना है। इसके साथ ही संभावित संचार संबंधी कमियों और कार्रवाई में होने वाली देरी की पहचान कर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जाता है।