Tuesday, August 25, 2026
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    बहुत जल्द एके-203 राइफलों की खेप भारतीय सेना को की जाएगी सुपुर्द, बढ़ेगी सेना की ताकत: मेजर जनरल सुधीश कुमार शर्मा

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    अमेठी, 25 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय सेना के लिए स्वदेशी एके-203 राइफल अब बॉर्डर पर गरजने के लिए पूरी तरह तैयार है। उत्तर प्रदेश के अमेठी जनपद के मुंशीगंज थाना क्षेत्र स्थित आयुध निर्माण फैक्ट्री में तैयार की जा रही इस आधुनिक राइफल को ‘शेर’ नाम दिया गया है।

    एके-203 राइफल के निर्माण और तैयारियों को लेकर इंडो रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड (आईआरआरपीएल) के प्रबंध निदेशक (एमडी) एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मेजर जनरल सुधीश कुमार शर्मा ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बताया कि बहुत जल्द एके-203 राइफलों की खेप भारतीय सेना को सुपुर्द कर दी जाएगी।

    आईआरआरपीएल के एमडी और सीईओ मेजर जनरल सुधीश कुमार शर्मा ने आईएएनएस से कहा कि उत्तर प्रदेश के अमेठी जनपद के मुंशीगंज में इस स्वदेशी राइफल का तैयार होना बेहद गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित और देश की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तैयार की जा रही एके-203 ‘शेर’ भारतीय सेना की ताकत बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    अमेठी की आयुध निर्माण फैक्ट्री में तैयार हो रही इस राइफल को लेकर स्थानीय स्तर पर भी गर्व का माहौल है। अब जल्द ही इसकी खेप भारतीय सेना के जवानों तक पहुंचने की उम्मीद है।

    आईआरआरपीएल के एमडी और सीईओ मेजर जनरल सुधीश कुमार शर्मा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “साल 2019 के आस-पास, भारतीय सेना और रक्षा मंत्रालय ने तय किया कि हमारी सेनाओं के लिए एके-203 राइफलें भारत में बनाई जाएंगी और इसके लिए टेक्नोलॉजी रूस से आएगी। यह फैसला उस समय लिया गया था, जिसके बाद एक कॉन्ट्रैक्ट साइन किया गया।”

    उन्होंने आगे कहा, रक्षा मंत्रालय को हम पर पूरा भरोसा है कि हम उन्हें राइफलें समय पर उपलब्ध करा देंगे। मेरा बोर्ड, शेयरधारक और हितधारक सभी इस बात से अवगत हैं। हमारी योजना इसी के अनुरूप बनाई गई है, ताकि हम इन सभी राइफलों का निर्माण इसी गति से कर सकें और अनुबंध के अनुसार निर्धारित समय सीमा 2032 से एक वर्ष पहले भारतीय सेना को सौंप सकें।”

    बता दें कि इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड (आईआरआरपीएल) उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के कोरवा में स्थित एक असॉल्ट राइफल बनाने वाली फैसिलिटी है। यह 6,00,000 से ज्यादा एके-203 असॉल्ट राइफल बनाने के लिए भारत के डीपीएसयू और रूस की ‘कंसर्न कलाश्निकोव’ व ‘रोसोबोरोनएक्सपोर्ट’ के बीच एक जॉइंट-वेंचर है।