लखनऊ, 20 जून (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश की नदियों की बदहाल स्थिति को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की भ्रष्ट नीतियों और लापरवाही के कारण गोमती, गंगा, यमुना समेत प्रदेश की अधिकांश नदियां प्रदूषण और अव्यवस्था की शिकार हो गई हैं। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी सरकार ने नदियों की सफाई और उनके निर्बाध प्रवाह के लिए मॉडल पेश किया था, जिसे भाजपा सरकार ने पूरी तरह बर्बाद कर दिया।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश की नदियों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। नदियों में गंदे नालों का पानी गिर रहा है, सफाई व्यवस्था ध्वस्त है, और कई नदियां अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि राजधानी लखनऊ की जीवनरेखा मानी जाने वाली गोमती नदी धीरे-धीरे गुम होती जा रही है। नदी में पर्याप्त पानी नहीं है, कई स्थानों पर अवरोध उत्पन्न हो गए हैं, और उसका प्राकृतिक प्रवाह प्रभावित हुआ है।
उन्होंने कहा कि गोमती नदी के कई हिस्से सूख चुके हैं, जो सरकार की विफलता का प्रमाण है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार ने गोमती नदी समेत प्रदेश की अन्य नदियों की सफाई और संरक्षण के लिए व्यापक अभियान चलाया था। गोमती रिवर फ्रंट को उन्होंने नदियों के पुनर्जीवन और सौंदर्यीकरण का एक मॉडल बताते हुए कहा कि उस परियोजना के माध्यम से न केवल नदी की सफाई हुई थी बल्कि शहर के गंदे नालों का पानी सीधे नदी में जाने से रोकने की भी व्यवस्था की गई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने उन सभी प्रयासों को बर्बाद कर दिया। आज फिर से गंदे नाले नदियों में गिर रहे हैं और सरकार केवल कागजों पर सफाई अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की अन्य नदियों की हालत भी कमोबेश गोमती जैसी ही है। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने मां गंगा की सफाई के नाम पर बड़े-बड़े दावे किए, हजारों करोड़ रुपए खर्च होने की बातें कहीं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात में कोई बड़ा बदलाव दिखाई नहीं देता। आज भी अनेक शहरों में गंदे नालों का पानी सीधे गंगा में गिर रहा है। यमुना और काली नदी समेत अन्य जलधाराएं भी प्रदूषण और उपेक्षा का सामना कर रही हैं।
सपा प्रमुख ने कहा कि जल प्रदूषण और वायु प्रदूषण जैसी समस्याएं भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण गंभीर रूप धारण कर चुकी हैं। इसका सीधा असर नदियों के किनारे रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है, वहीं जलीय जीव-जंतुओं का जीवन भी संकट में है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में विकास कार्यों की बजाय भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला है। नदियों की सफाई के लिए आवंटित बजट खर्च हो गया, लेकिन नदियों की दशा नहीं सुधरी। सरकार के दावे और जमीनी सच्चाई में बड़ा अंतर है।
अखिलेश यादव ने कहा कि वर्ष 2027 में प्रदेश की जनता भाजपा सरकार को सत्ता से हटाकर भ्रष्टाचार का अंत करेगी। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर प्रदेश में नदियों की सफाई और पुनर्जीवन का नया अभियान शुरू किया जाएगा। गोमती रिवर फ्रंट मॉडल के आधार पर अन्य नदियों की भी सफाई कर उन्हें प्रदूषण मुक्त बनाया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ जल और बेहतर पर्यावरण मिल सके।
— आईएएनएस
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