लखनऊ, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। यूपी चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी जारी है। इसी बीच, उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। अखिलेश यादव के एक बयान का जिक्र करते हुए मंत्री राजभर ने कहा कि उनके बयान अक्सर चौंकाने वाले होते हैं। उन्होंने कहा कि आस्था के मामलों में अखिलेश यादव की पार्टी के सदस्य राजकुमार भाटी ने भगवान ब्रह्मा, भगवान विष्णु और सनातन धर्म को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं।
राजभर ने आरोप लगाया कि जाट और गुर्जर महिलाओं के बारे में भी अपमानजनक बातें कही गईं। इसके बावजूद अखिलेश यादव ऐसे व्यक्ति को आमंत्रित कर सम्मान देते हैं। सनातनी धर्म का विरोध करने वाले व्यक्ति को सम्मान देने के बाद अखिलेश यादव खुद को सनातनी कैसे कह सकते हैं?
उन्होंने तंज कसा कि अखिलेश यादव दोपहर 12 बजे सोकर उठते हैं, ‘अली-अली’ कहते हैं और फिर नहा-धोकर बजरंगबली का नाम जपते हैं। दुविधा में दोनों गए, न मिले अली न मिले बजरंगबली।
ओपी राजभर ने आजम खान के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि जब अखिलेश यादव को आजम खान की जरूरत थी, तब आजम खान ने उनका साथ दिया। आजम खान के समर्थन से समाजवादी पार्टी सत्ता में आई और उसने खूब संपत्ति बनाई। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता से बाहर होने के बाद अखिलेश यादव ने आजम खान को नजरअंदाज कर दिया।
राजभर ने दावा किया कि अखिलेश यादव के कारनामों की वजह से आजम खान आज जेल में हैं, लेकिन सपा प्रमुख उनसे मिलने तक नहीं गए। उन्होंने मुस्लिम मतदाताओं का जिक्र करते हुए कहा कि मुसलमान अब समाजवादी पार्टी के लिए दरी बिछाने तक सीमित नहीं रहना चाहते। यादव समाज से चार बार मुख्यमंत्री बनाया जा चुका है, इसलिए अब मुस्लिम समुदाय की ओर से भी मुख्यमंत्री पद पर दावेदारी की मांग उठ रही है।
उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश यादव चाहते हैं कि मुस्लिम समुदाय उनके साथ बना रहे, तो उन्हें यह घोषणा करनी चाहिए कि अब मुस्लिम समाज का बेटा मुख्यमंत्री बनेगा।
आजम खान से मुलाकात के मुद्दे पर ओपी राजभर ने कहा कि इसे चुनावी जुमला बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब तक मुस्लिम मतदाता समाजवादी पार्टी के साथ थे, तब तक आजम खान के मुद्दे को इस तरह नहीं उठाया गया, लेकिन अब मुस्लिम समुदाय का समर्थन खिसकता दिखाई दे रहा है तो उनके नाम का इस्तेमाल कर वोट हासिल करने की कोशिश की जा रही है। असदुद्दीन ओवैसी मुस्लिम समुदाय को जो राजनीतिक संदेश दे रहे हैं, उससे अखिलेश यादव परेशान हैं।
ओपी राजभर ने जेन-जी का जिक्र करते हुए कहा कि अगर एनडीए से युवा नाराज हैं तो देशभर में हो रहे छात्र संघ चुनावों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) क्यों जीत रही है? यदि युवा एनडीए से नाराज हैं तो विपक्षी छात्र संघों को चुनावों में जीत हासिल करनी चाहिए। जेन-जी अपने मुद्दों के लिए लड़ती है। अखिलेश यादव और राहुल गांधी के मुद्दों के लिए नहीं।
