लखनऊ, 31 मई (आईएएनएस)। लखनऊ में आईएएनएस से बातचीत के दौरान समाजवादी पार्टी विधायक रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि यदि अखिलेश यादव इंडिया गठबंधन की अगुवाई करें तो गठबंधन सभी चुनाव जीत सकता है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने बिहार और पश्चिम बंगाल में बिना किसी स्वार्थ के गठबंधन उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया। मेहरोत्रा के अनुसार, अखिलेश सभी दलों को साथ लेकर चलने की क्षमता रखते हैं और मजबूत नेतृत्व दे सकते हैं।
उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी अक्सर गठबंधन धर्म का पालन नहीं करती। उन्होंने कहा, “इंडिया गठबंधन बना हुआ है, लेकिन कांग्रेस कई बार ऐसे बयान देती है जिससे गठबंधन को नुकसान पहुंचता है। राहुल गांधी द्वारा ममता बनर्जी के खिलाफ दिए गए बयानों का राजनीतिक असर पड़ा। गठबंधन में शामिल दलों को एक-दूसरे के प्रति सम्मान और सहयोग का भाव रखना चाहिए। कांग्रेस को गठबंधन धर्म का पालन करना चाहिए।”
इंडिया गठबंधन के भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर रविदास मेहरोत्रा ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि यदि इंडिया गठबंधन की अगुवाई अखिलेश यादव करें तो गठबंधन और अधिक मजबूत होगा और आने वाले चुनावों में बेहतर प्रदर्शन कर सकेगा।
उन्होंने कहा, “अखिलेश यादव ने बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में बिना किसी सीट की मांग किए इंडिया गठबंधन के उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को वहां भेजा और जनता से गठबंधन को जिताने की अपील की। यह उनकी राजनीतिक प्रतिबद्धता और व्यापक सोच को दिखाता है।”
मेहरोत्रा ने आगे कहा कि अखिलेश यादव सभी दलों को साथ लेकर चलने की क्षमता रखते हैं और उनकी स्वीकार्यता भी लगातार बढ़ रही है। उनका मानना है कि यदि इंडिया गठबंधन को मजबूत और प्रभावी नेतृत्व की जरूरत है तो अखिलेश यादव एक मजबूत विकल्प साबित हो सकते हैं।
उन्होंने कहा, “आज आवश्यकता इस बात की है कि सभी विपक्षी दल एकजुट होकर लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए काम करें। अगर इंडिया गठबंधन एकजुट रहता है और मजबूत नेतृत्व के साथ आगे बढ़ता है तो आने वाले चुनावों में जनता उसका समर्थन करेगी।”
पश्चिम बंगाल में टीएमसी नेताओं पर हुए कथित हमलों को लेकर रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी के नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी तथा कल्याण बनर्जी के साथ जो घटनाएं हुई हैं, वे बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है और यह लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं है। उनके अनुसार, अगर किसी जनप्रतिनिधि पर हमला होता है तो यह केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला माना जाना चाहिए।
भाजपा पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र और कई राज्यों में सत्ता में होने के बावजूद भाजपा विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि दमन और दबाव की राजनीति के जरिए विपक्षी दलों को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “भारतीय जनता पार्टी के लोग विपक्षी दलों के सांसदों और नेताओं पर हमले करवाने का काम कर रहे हैं। कहीं अंडे फेंके जा रहे हैं तो कहीं विरोध के नाम पर अपमानित किया जा रहा है। भाजपा की राजनीति अब दमन, जुल्म और तानाशाही की राजनीति बन चुकी है। विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।”
उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं पर भी उन्होंने प्रदेश सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार प्रतिदिन पांच एनकाउंटर करने का दावा करती थी, लेकिन आज स्थिति यह है कि प्रदेश में प्रतिदिन कई हत्याएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से साफ है कि प्रदेश में अपराधियों के मन से कानून का डर खत्म हो चुका है। प्रदेश सरकार एनकाउंटर का दावा करती रही, लेकिन अगर एनकाउंटर वास्तव में अपराध रोकने के लिए प्रभावी होते तो अपराधों में कमी दिखाई देती। आज स्थिति इसके उलट है। प्रदेश में गुंडा माफिया और जंगलराज कायम हो गया है। अपराधी भयमुक्त हैं और जनता भयभीत है। कानून का राज लगभग समाप्त हो गया है।

