अयोध्या, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव के गुरुवार को अयोध्या में सपा नेता के यहां आयोजित भागवत कथा में शामिल होने पर साधु-संतों ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि अच्छी बात है कि सपा मुखिया आ रहे हैं लेकिन कपटी लोग श्रीराम तक नहीं पहुंच पाते हैं।
आईएएनएस से बातचीत में हनुमानगढ़ी के पुजारी महंत देवेशाचार्य महाराज ने सवाल उठाते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश अयोध्या आ रहे हैं लेकिन रामलला और हनुमानगढ़ी में दर्शन करने नहीं जा रहे हैं।
महंत देवेशाचार्य महाराज ने कहा कि बहुत प्रसन्नता का विषय है कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अयोध्या की पावन धरती पर आ रहे हैं लेकिन दुर्भाग्य का विषय यह है कि अयोध्या आकर भी अयोध्या धाम नहीं आ रहे हैं। भगवान रामलला के दर्शन नहीं कर रहे हैं, हनुमान जी महाराज के दर्शन नहीं कर रहे हैं और मां सरयू का आचमन-दर्शन भी नहीं कर रहे हैं। इससे बड़ा दुर्भाग्य इस संसार में और कोई नहीं हो सकता।
उन्होंने आगे रामचरितमानस का उल्लेख करते हुए कहा कि जिसके मन में कपट और छल रहता है, वह भगवान के दरबार तक नहीं पहुंच पाता। उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव के मामले में यह बात सर्वथा सिद्ध होती दिख रही है।
वहीं, साकेत भवन के महंत सीताराम दास ने भी अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे को लेकर कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अयोध्या आ रहे हैं लेकिन रामलला के दर्शन नहीं करेंगे। सीताराम दास ने कहा कि इसके पीछे उनकी अपनी राजनीतिक सोच हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक संप्रदाय और एक मत-मजहब के तुष्टीकरण की राजनीति करने वाले लोग अपने समर्थकों या धार्मिक नेताओं के नाराज होने के डर से रामलला के दर्शन नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने पूर्व में हुई हिंसक घटनाओं का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव और उनके परिवार पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अयोध्या को रक्तरंजित किया गया और रामभक्तों पर गोलियां चलाई गईं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के लिए अयोध्या आकर रामलला के दर्शन नहीं करना ही बेहतर है।
दूसरी ओर, बाबरी मस्जिद पक्ष के पूर्व वादी इकबाल अंसारी ने अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे को लेकर कहा कि अयोध्या भगवान राम की नगरी है और अखिलेश यादव यहां भागवत कथा में शामिल होने आ रहे हैं। चूंकि वे भागवत कथा में शामिल हो रहे हैं, इसलिए उन्हें भगवान राम के दर्शन भी करने चाहिए और सरयू में पवित्र डुबकी भी लगानी चाहिए। अयोध्या आस्था और भक्ति का शहर है। यह संतों और ऋषियों की भी नगरी है। अयोध्या आने वाले हर व्यक्ति को यहां शांति मिलती है और लोगों की आस्था अटूट है। समाज में मानवता होनी चाहिए और ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए। अखिलेश यादव को रामलला के दर्शन करने चाहिए क्योंकि अयोध्या सभी की है।
