Tuesday, August 4, 2026
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अखिलेश यादव ने लगाया आरोप, ई-20 ईंधन नीति के पीछे ऑटो कंपनियों की हो सकती है मिलीभगत

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नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। ई-20 फ्यूल के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि ऑटोमोबाइल कंपनियों को ई20 फ्यूल के फायदों का प्रचार करना चाहिए। अगर वे ऐसा नहीं करती हैं तो वे केंद्र सरकार के साथ मिली हुई हैं और ज्यादा स्पेयर पार्ट्स बेचकर मुनाफा कमा रही हैं।

मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार के साथ-साथ कोई और भी इससे मुनाफा कमा रहा है। कहीं न कहीं स्पेयर पार्ट्स या किसी और तरीके से मुनाफा कमाया जा रहा है। ऐसा लगता है कि ऑटोमोबाइल कंपनियां भी पर्दे के पीछे मिली-जुली हो सकती हैं। जैसा कि हमने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में देखा है। ऊपर से तो ताला लगा होता है, लेकिन नीचे एक सुरंग होती है।

बांकीपुर और दतिया उपचुनाव के परिणाम पर अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए अब कुछ खास नहीं बचा है और यह भारतीय जनता पार्टी के लिए 12 साल बाद मिला एक ‘रिटर्न गिफ्ट’ है। अगर भाजपा ने यह चुनाव वैसे ही लड़ा होता जैसे उसने कुंदरकी, रामपुर, उत्तर प्रदेश के उपचुनावों या पश्चिम बंगाल में लड़ा था यानी पुलिस प्रशासन को तैनात करके और अपने आम तौर पर अपनाए जाने वाले तरीकों का इस्तेमाल करती तो वह हारती नहीं। इस चुनाव ने भाजपा के खिलाफ जनता के गुस्से का स्तर दिखाया, खासकर तब जब उनके मुताबिक कोई धोखाधड़ी या प्रशासन का दुरुपयोग नहीं हुआ था। यह आम तौर पर होने वाली हार नहीं है। यह दिखाता है कि निष्पक्ष चुनाव होने पर भाजपा को कितने वोट मिलते हैं। भाजपा को यह समझने की जरूरत है।

दतिया उपचुनाव के नतीजों पर उन्होंने कहा कि दतिया की तो बात ही मत कीजिए। हमें खुशी है कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता और दतिया की जनता इंडिया गठबंधन के साथ खड़ी रही।

दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा कि मैंने पहले ही कहा है कि संसद में कामकाज हमारी वजह से नहीं रुक रहा है। सदन की कार्यवाही सरकार की वजह से नहीं चल पा रही है। विपक्ष चाहता है कि सरकार छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल और युवतियों के साथ कथित दुर्व्यवहार के बारे में जवाब दे। अगर हम संसद में जवाब नहीं मांगेंगे तो कौन मांगेगा। सरकार संसद में आकर जवाब देने को तैयार नहीं है। इसलिए इसमें विपक्ष की कोई गलती नहीं है।

समाजवादी पार्टी के सांसद पुष्‍पेंद्र सरोज ने कहा कि सदन में तीन मांगें हैं। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी हुई। राम मंदिर निर्माण में कमीशनखोरी हुई। इसमें भाजपा के सभी लोग शामिल हैं। हम इस पर चर्चा चाहते हैं। सरकार को आंकड़ा पेश करना चाहिए कि कितनी चोरी हुई और कितनी रिकवरी।

दूसरी बात यह है कि सदन में पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह को आना चाहिए और 20 जुलाई को छात्रों पर हुए दिल्ली पुलिस के द्वारा हमले पर जवाब देना चाहिए। अगर वे नहीं आते हैं तो सदन नहीं चलेगा।

उन्होंने कहा कि सरकार ने नीट मामले में कुछ सांसदों को बोलने का अवसर दिया, लेकिन आनन फानन में बिल पास कर दिया गया।

मदरसों को लेकर यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रशाद मौर्य के बयान पर सपा सांसद इकरा हसन ने कहा कि बिना तथ्यों के नहीं बोलना चाहिए। कोई तथ्य है उनके पास है तो प्रमाणित करें। यह मदरसा, मस्जिद, कांवड़ होली दीपावली हमारा देश की संस्कृति का हिस्सा है। कहीं पर कोई विषय मिले तो जांच करें, लेकिन वे तो सिर्फ डायलॉग मारते हैं।

सदन की कार्यवाही बाधित होने पर सपा सांसद इकरा हसन ने कहा कि जनता का पैसा खर्च हो रहा है। पीएम मोदी दिल्ली में हैं, लेकिन सदन में नहीं आ रहे हैं। वीडियो संदेश से अच्छा है, वे सदन के भीतर आकर जवाब दें। हमारी संसद लोकतंत्र का मंदिर है, जिसे पीएम मोदी लगातार नजरअंदाज कर रहे हैं। सरकार किस बात से घबरा रही है?

कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि इतने दिन बीत गए हैं, लेकिन गृह मंत्री ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है। हम उनसे संसद में आकर सफाई देने को कह रहे हैं। छात्रों पर जो कार्रवाई पुलिस के द्वारा हुई, उसके लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए। इसकी जिम्मेदारी सरकार की है। सरकार को संसद में आकर इन सवालों का जवाब देना चाहिए।