तेहरान, 20 सितंबर (आईएएनएस)। ईरान के मिलिट्री हेडक्वार्टर ने मध्य पूर्व के देशों को चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका उनके ठिकानों से ईरान पर फिर से बड़े हमले करता है, तो उन्हें भी “साझेदार” माना जाएगा और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी के अनुसार, ईरान के केंद्रीय सैन्य कमांड ने ये बयान जारी किया, जिसके मुताबिक उन्हें जानकारी मिली है कि अमेरिका, कुछ क्षेत्रीय देशों के समर्थन से, ईरान के खिलाफ फिर से कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया कि सेना का कहना है कि अमेरिका के किसी भी हमले के जवाब में इस क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और हितों पर लगातार हमले किए जाएंगे। साथ ही यह चेतावनी भी दी कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी आक्रामकता का समर्थन करने वाले क्षेत्रीय देशों को भी इस संघर्ष में शामिल पक्ष माना जाएगा।
खातम अल-अंबिया हेडक्वार्टर ने बयान में कहा, “हम चेतावनी देते हैं कि अगर इस इलाके के देश इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के प्रति अपनी दोहरी नीति जारी रखते हुए एक ताकतवर और संप्रभु ईरान के खिलाफ अमेरिका के आक्रामक हमले में साथ देते हैं, तो उन्हें भी इस काम में साझेदार माना जाएगा और वे ईरान की ताकतवर सेना से संयम या शालीनता की उम्मीद नहीं कर सकते।”
ये बयान मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की खबरों के बीच आया है। दरअसल, पिछले कुछ घंटों में अमेरिका ने मध्य पूर्व में मौजूद अपने दूतावासों, मिशनों और नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की। अमेरिकी विदेश विभाग ने लोगों से ज्यादा सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
अटकलों को हवा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कैंप डेविड दौरा एक दिन पहले खत्म कर लौटने की वजह से भी उड़ी। शनिवार शाम व्हाइट हाउस लौट आए। ट्रंप की जल्दी वापसी की वजह व्हाइट हाउस ने स्पष्ट नहीं की। इस बीच ईरान के प्रेस टीवी ने भी उत्तर-पूर्वी सीरिया के अल-हसकाह में खाराब अल-जिर एयरबेस के पास एयर डिफेंस एक्टिविटी की जानकारी दी।
