Thursday, July 30, 2026
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अमेरिका में शानदार करियर और फिर अयोध्या को समर्पित जीवन, जानिए कौन हैं राम मंदिर के नए ‘सचिव’ जगदीश आफले

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नई दिल्ली, 30 जुलाई (आईएएनएस)। अयोध्या राम मंदिर की कमान अब जगदीश आफले संभालेंगे। ‘सचिव’ के पद पर आफले के नाम का औपचारिक ऐलान 2 सितंबर को किए जाने की उम्मीद है। पुणे के पद्मावती इलाके के निवासी जगदीश आफले ने देश के सबसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में से एक, आईआईटी बॉम्बे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक और फिर एमटेक की डिग्री हासिल की है।

अपनी उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद उनकी पेशेवर यात्रा भारत से लेकर यूरोप और संयुक्त राज्य अमेरिका की शीर्ष मल्टीनेशनल कंपनियों तक पहुंची, जहां उन्होंने अपने कौशल का लोहा मनवाया।

अपनी वैश्विक सफलता के बावजूद, उनकी जड़ें हमेशा अपनी मिट्टी और संस्कृति से गहराई से जुड़ी रहीं। जगदीश आफले बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के समर्पित सदस्य रहे हैं। अमेरिका में अपने शानदार कॉर्पोरेट करियर के दौरान भी उनका सेवा भाव कम नहीं हुआ। उन्होंने और उनकी धर्मपत्नी माधुरी आफले ने लगभग तीन साल तक अमेरिका में आरएसएस के ‘विस्तारक’ (पूर्णकालिक स्वयंसेवक) के रूप में अपनी अमूल्य सेवाएं दीं।

जब भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने राम मंदिर के पक्ष में अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया, तो रिटायरमेंट के बाद भारत लौट चुके आफले दंपत्ति ने अपने जीवन की तमाम सुख-सुविधाएं पीछे छोड़ दीं। आरएसएस की सिफारिश पर, जगदीश आफले बिना कोई वेतन लिए ‘मानद प्रोजेक्ट मैनेजर’ के रूप में 70 एकड़ में फैले राम मंदिर निर्माण परिसर से जुड़ गए। पिछले करीब पांच सालों से, वह अपनी पत्नी माधुरी (जो स्वयं मंदिर वास्तुकला और मूर्तिकला की विशेषज्ञ हैं) के साथ अयोध्या के तीर्थ क्षेत्र भवन में ही निवास कर रहे हैं।

एक इंजीनियर के रूप में उनका जीवन अत्यंत अनुशासित है। वे मंदिर निर्माण की हर तकनीकी बारीकी पर नजर रखते हैं। हर शनिवार को वे निर्माण कार्यों की गहन समीक्षा करते हैं और प्रत्येक सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा एवं उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्य की प्रगति को सुनिश्चित करते हैं।

हाल ही में, राम मंदिर ट्रस्ट को एक अत्यंत गंभीर प्रशासनिक और वित्तीय अस्थिरता का सामना करना पड़ा था। जून 2026 के पहले सप्ताह में दान और चढ़ावे की अनियमितताओं के गंभीर आरोपों से ट्रस्ट पर सवाल उठने लगे थे। इस विवाद के बाद, एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार इस मामले से जुड़े लोगों की गिरफ्तारियां हुईं और ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय तथा ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा को अपने-अपने पदों से इस्तीफा देना पड़ा।

22 जुलाई को हुई ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में प्रशासनिक पुनर्गठन के तहत ‘सचिव’ का नया पद सृजित करते हुए जगदीश आफले का नाम सर्वसम्मति से प्रस्तावित किया गया। एक पदाधिकारी (कार्यालय वाहक) के रूप में सचिव पद पर उनकी नियुक्ति की आधिकारिक मुहर 2 सितंबर को लगेगी।