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राष्ट्रपति पेजेश्कियन की टीम को वीजा देने से अमेरिका ने किया इनकार: ईरानी मीडिया

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तेहरान, 21 सितंबर (आईएएनएस)। ईरान की मीडिया ने सोमवार को बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा की वार्षिक बैठक के 81वें सत्र में शामिल हो रहे राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की कम्युनिकेशन टीम को अमेरिका ने वीजा देने से इनकार कर दिया है।

आईआरएनए न्यूजी एजेंसी के अनुसार, 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों के साथ शुरू हुए मध्य पूर्व संकट के बाद पेजेश्कियन अमेरिका जाने वाले बड़े पदाधिकारी हैं।

एजेंसी ने बताया, ” ये अमेरिकी सरकार का एक अप्रत्याशित और विद्वेष से भरा कदम है। इसके तहत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी राष्ट्रपति के हाई-लेवल डेलिगेशन के कुछ सदस्यों को वीजा देने से इनकार कर दिया है। इसमें उनकी कम्युनिकेशन टीम के सदस्य भी शामिल हैं।”

मेहर समाचार एजेंसी ने भी ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय के एक प्रवक्ता का हवाला देते हुए यह खबर दी और कहा कि पेजेश्कियन बुधवार को यूएन जनरल असेंबली को संबोधित करेंगे। पेजेश्कियन न्यूयॉर्क के लिए मंगलवार को रवाना होंगे।

अमेरिका ने ईरानी डेलिगेशन को संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए आने की मंजूरी तो दे दी है, लेकिन पिछले साल की तरह ही कुछ पाबंदियां भी लगाई हैं। जैसे उदाहरण के लिए, विदेश विभाग ने गुरुवार को कहा कि ईरानी डेलिगेशन को लग्जरी सामान या अन्य चीजें खरीदने की इजाजत नहीं होगी।

यूएन जाने वाले प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी हैं। लेकिन वो रविवार शाम कतर में कुछ देर रुकने के लिए ईरान से रवाना हुए।

ईरान का कहना है कि उसने मध्यस्थ के तौर पर कतर के जरिए अमेरिका को होर्मुज जलडमरूमध्य के उस रणनीतिक तेल और गैस शिपिंग रूट को फिर से खोलने की शर्तें बता दी हैं, जिसे उसने संघर्ष शुरू होने के बाद से बंद कर रखा है।

इसके जवाब में, अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर जवाबी नाकेबंदी कर रहा है।

महासभा की उच्चस्तरीय आम बहस 22 से 28 सितंबर तक चलेगी। इस दौरान संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और वरिष्ठ प्रतिनिधि दुनिया के सामने अपने विचार और प्राथमिकताएं रखेंगे। 81वें सत्र की अध्यक्षता बांग्लादेश के खलीलुर रहमान करेंगे। इस सत्र की थीम है, ‘विश्वास बहाल करना, बदलाव का प्रबंधन करना: ऐसा संयुक्त राष्ट्र जो सभी के लिए काम करे।’